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225 वाहन स्वामियों के खिलाफ दर्ज होगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sun, 11 Oct 2015 11:28 PM IST
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पहचे चरण के मतदान में अधिग्रहण के बाद भी वाहन नहीं भेजना 225 वाहन स्वामियों को महंगा पड़ गया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने गाड़ी मालिकों की इस मनमानी पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए एआरटीओ को सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दे दिया है। डीईओ ने दूसरे चरण के लिए किसी भी कीमत पर वाहनों का अधिग्रहण करने का भी फरमान जारी किया गया।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में नौ अक्तूबर को मंझनपुर और मूरतगंज ब्लाक क्षेत्रों में मतदान हुआ था। पोलिंग पार्टियों को रवाना करने तथा फोर्स के भ्रमण आदि की व्यवस्था के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने इस चुनाव में 250 छोटे वाहन अधिगृहीत किए गए थे। मनमानी की हद है कि 225 वाहन स्वामियों ने अपनी गाड़ी चुनावी कार्य में नहीं भेजी। इसकी वजह से प्रशासनिक अफसरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसी तरह बड़े वाहनों से पोलिंग पार्टियों को बूथों तक भिजवाया गया। पुलिस कर्मियों को भी वाहनों का अभाव होने के कारण भ्रमण करने में दिक्कत हुई।
गाड़ी मालिकों की इस मनमानी को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम अनिल कुमार सिंह का पारा गरम हो गया है। उन्होंने एआरटीओ प्रमोद कुमार सिंह को सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और अधिग्रहीत वाहनों को ओसा मंडी में खड़ा कराने का निर्देश दिया है। डीईओ की इस सख्ती से वाहन मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, परिवहन विभाग ने मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। एआरटीओ ने बताया कि मनमानी करने वाले सभी वाहन मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में नौ अक्तूबर को मंझनपुर और मूरतगंज ब्लाक क्षेत्रों में मतदान हुआ था। पोलिंग पार्टियों को रवाना करने तथा फोर्स के भ्रमण आदि की व्यवस्था के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने इस चुनाव में 250 छोटे वाहन अधिगृहीत किए गए थे। मनमानी की हद है कि 225 वाहन स्वामियों ने अपनी गाड़ी चुनावी कार्य में नहीं भेजी। इसकी वजह से प्रशासनिक अफसरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसी तरह बड़े वाहनों से पोलिंग पार्टियों को बूथों तक भिजवाया गया। पुलिस कर्मियों को भी वाहनों का अभाव होने के कारण भ्रमण करने में दिक्कत हुई।
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गाड़ी मालिकों की इस मनमानी को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम अनिल कुमार सिंह का पारा गरम हो गया है। उन्होंने एआरटीओ प्रमोद कुमार सिंह को सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और अधिग्रहीत वाहनों को ओसा मंडी में खड़ा कराने का निर्देश दिया है। डीईओ की इस सख्ती से वाहन मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, परिवहन विभाग ने मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। एआरटीओ ने बताया कि मनमानी करने वाले सभी वाहन मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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