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Kaushambi News: लो वोल्टेज वे बिजली की ट्रिपिंग से पिछड़ रही धान की रोपाई
Thu, 17 Jul 2025 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 17 Jul 2025 01:30 AM IST
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धान की रोपाई के समय बारिश न होने और बिजली अनापूर्ति से हो रही समस्याओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अनियमित बिजली आपूर्ति, लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग से नलकूपों का संचालन प्रभावित हो रहा है, इससे धान की रोपाई में देरी और मुश्किल हो रही हैं।
विद्युत उपखंड चायल के किसान राम आसरे, नवल किशोर, गुलजार, मोहन, राम किशुन प्रजापति सहित कई किसानों ने बताया कि शासन किसान फीडर के लिए 10 घंटे और घरेलू बिजली 18 घंटे के वादे के बावजूद, तार टूटने, फ्यूज उड़ने और मरम्मत के लिए आपूर्ति बंद होने से स्थिति बदतर है। विभागीय अधिकारियों का भी यही दावा है।
हालत यह है कि लो वोल्टेज के कारण नलकूप की मोटर जलने का खतरा बना रहता है। साथ ही एक बीघा खेत पानी भरने के लिए किसानों को पूरी रात जाग कर गुजरानी पड़ रही है। किसानों के मुताबिक पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में पानी की कमी है, जिससे धान की रोपाई प्रभावित हो रही है। बिना बारिश के नलकूपों के भरोसे धान की फसल तैयार करना फिलहाल असंभव लग रहा है।
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दिन में नहीं मिल रही बिजली
- विद्युत उपकेंद्र पुरखास के राज कुमार, होरीलाल, बहादुर और मक्खन लाल ने बताया कि दिन में बिजली मुश्किल से दो से ढाई घंटे ही मिल रही है। बार-बार ट्रिपिंग से खेत तक पानी पहुंचते ही बिजली गुल हो जाती है। पूरी-पूरी रात जाग कर खेत में पानी भरना पड़ रहा है। किसान फीडर की हालत और खराब है। तिल्हापुर गांव के पास तार क्राॅसिंग की वजह से घरेलू फीडर में भी फाॅल्ट ठीक करते समय किसान फीडर की आपूर्ति ठप कर दी जाती है। इससे धान की रोपाई पिछड़ रही है।
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- धान रोपाई के चलते नलकूप चलने से बिजली की खपत बढ़ी है, विद्युत उपकेंद्रों से रोस्टिंग के मुताबिक बिजली की आपूर्ति की जा रही है। लोकल फाॅल्ट होने पर ही मरम्मत के लिए आपूर्ति बंद की जाती है।
-- - रामहरि, अधिशाषी अभियंता उपखंड चायल।
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विद्युत उपखंड चायल के किसान राम आसरे, नवल किशोर, गुलजार, मोहन, राम किशुन प्रजापति सहित कई किसानों ने बताया कि शासन किसान फीडर के लिए 10 घंटे और घरेलू बिजली 18 घंटे के वादे के बावजूद, तार टूटने, फ्यूज उड़ने और मरम्मत के लिए आपूर्ति बंद होने से स्थिति बदतर है। विभागीय अधिकारियों का भी यही दावा है।
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हालत यह है कि लो वोल्टेज के कारण नलकूप की मोटर जलने का खतरा बना रहता है। साथ ही एक बीघा खेत पानी भरने के लिए किसानों को पूरी रात जाग कर गुजरानी पड़ रही है। किसानों के मुताबिक पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में पानी की कमी है, जिससे धान की रोपाई प्रभावित हो रही है। बिना बारिश के नलकूपों के भरोसे धान की फसल तैयार करना फिलहाल असंभव लग रहा है।
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दिन में नहीं मिल रही बिजली
- विद्युत उपकेंद्र पुरखास के राज कुमार, होरीलाल, बहादुर और मक्खन लाल ने बताया कि दिन में बिजली मुश्किल से दो से ढाई घंटे ही मिल रही है। बार-बार ट्रिपिंग से खेत तक पानी पहुंचते ही बिजली गुल हो जाती है। पूरी-पूरी रात जाग कर खेत में पानी भरना पड़ रहा है। किसान फीडर की हालत और खराब है। तिल्हापुर गांव के पास तार क्राॅसिंग की वजह से घरेलू फीडर में भी फाॅल्ट ठीक करते समय किसान फीडर की आपूर्ति ठप कर दी जाती है। इससे धान की रोपाई पिछड़ रही है।
- धान रोपाई के चलते नलकूप चलने से बिजली की खपत बढ़ी है, विद्युत उपकेंद्रों से रोस्टिंग के मुताबिक बिजली की आपूर्ति की जा रही है। लोकल फाॅल्ट होने पर ही मरम्मत के लिए आपूर्ति बंद की जाती है।