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Kaushambi News: एक हजार किसानों को छह करोड़ भुगतान का इंतजार
Fri, 26 Jan 2024 03:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 26 Jan 2024 03:41 AM IST
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जिले के क्रय केंद्रों पर अब तक 51 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद की गई, जो लक्ष्य के सापेक्ष 73 प्रतिशत है। इस बीच लगभग एक हजार किसानों को तकरीबन छह करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान को हासिल करने का इंतजार है। इसके लिए धान बेचने के बाद किसान केंद्र से लेकर बैंक तक का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
एक नवंबर से जिले में शुरू हुई धान खरीद के लिए छह एजेंसियों के कुल 48 क्रय केंद्र स्थापित किए गए। खाद्य एवं विपणन अधिकारी कार्यालय के अनुसार 20 जनवरी तक 8 हजार 499 किसानों से 51,456.58 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।
यह जिले के लिए निर्धारित लक्ष्य 70 हजार मीट्रिक टन की तुलना में 73.51 प्रतिशत है। 29 फरवरी तक धान की खरीद होनी है। अब भी किसानों को धान की बिक्री करने में कई प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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कई-कई दिनों तक धान लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियां क्रय केंद्रों पर खड़ी रहती हैं, जिससे किसानों को आर्थिक चपत भी लग रही है। वहीं, खाद्य एवं विपणन विभाग समयसीमा के भीतर निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष खरीद पूरी कर लिए जाने का दावा कर रहा है।
डिप्टी आरएमओ कार्यालय के अनुसार 19 जनवरी तक इनमें से लगभग 7,420 किसानों काे भुगतान किया जा चुका है। जबकि, 1079 किसानों का 6.12 करोड़ रुपये का भुगतान होना शेष है।
इनमें से किसी ने हफ्ते भर तो किसी ने पखवाड़े भर पहले धान की बिक्री की है। जबकि, नियमानुसार धान बेचने वाले किसानों के खाते में 72 घंटे के भीतर धनराशि पहुंच जानी चाहिए। विभागीय अफसरों का कहना है कि पोर्टल में दिक्कत के कारण थोड़ा विलंब हुआ है, जल्द ही सभी का भुगतान करा दिया जाएगा।
पश्चिमशरीरा स्थित पीसीएफ में एक महीने पहले 90 क्विंटल धान बेचा था, लेकिन अब तक बैंक खाते में भुगतान नहीं आया। केंद्र प्रभारी आज-कल में भुगतान होने का हवाला देकर टरका रहे हैं।
-- यशवंत सिंह, देवाना
एक मिलर के माध्यम से दो माह पहले सरकारी क्रय केंद्र पर 50 क्विंटल धान बेचा था। भुगतान के लिए अब मिलर तथा केंद्र प्रभारी टरका रहे हैं।
-- राकेश पांडेय, भोलानाथ का पुरवा
एक जनवरी से 15 जनवरी तक मुख्यालय स्तर से एफएमएस पोर्टल त्रुटि के कारण कई किसानों का भुगतान अटक गया था। पोर्टल अब दुरुस्त हो गया है। जल्द ही सभी का भुगतान करा दिया जाएगा।
सुधांशु शेखर चौबे, डिप्टी आरएमओ
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एक नवंबर से जिले में शुरू हुई धान खरीद के लिए छह एजेंसियों के कुल 48 क्रय केंद्र स्थापित किए गए। खाद्य एवं विपणन अधिकारी कार्यालय के अनुसार 20 जनवरी तक 8 हजार 499 किसानों से 51,456.58 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।
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यह जिले के लिए निर्धारित लक्ष्य 70 हजार मीट्रिक टन की तुलना में 73.51 प्रतिशत है। 29 फरवरी तक धान की खरीद होनी है। अब भी किसानों को धान की बिक्री करने में कई प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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कई-कई दिनों तक धान लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियां क्रय केंद्रों पर खड़ी रहती हैं, जिससे किसानों को आर्थिक चपत भी लग रही है। वहीं, खाद्य एवं विपणन विभाग समयसीमा के भीतर निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष खरीद पूरी कर लिए जाने का दावा कर रहा है।
डिप्टी आरएमओ कार्यालय के अनुसार 19 जनवरी तक इनमें से लगभग 7,420 किसानों काे भुगतान किया जा चुका है। जबकि, 1079 किसानों का 6.12 करोड़ रुपये का भुगतान होना शेष है।
इनमें से किसी ने हफ्ते भर तो किसी ने पखवाड़े भर पहले धान की बिक्री की है। जबकि, नियमानुसार धान बेचने वाले किसानों के खाते में 72 घंटे के भीतर धनराशि पहुंच जानी चाहिए। विभागीय अफसरों का कहना है कि पोर्टल में दिक्कत के कारण थोड़ा विलंब हुआ है, जल्द ही सभी का भुगतान करा दिया जाएगा।
पश्चिमशरीरा स्थित पीसीएफ में एक महीने पहले 90 क्विंटल धान बेचा था, लेकिन अब तक बैंक खाते में भुगतान नहीं आया। केंद्र प्रभारी आज-कल में भुगतान होने का हवाला देकर टरका रहे हैं।
एक मिलर के माध्यम से दो माह पहले सरकारी क्रय केंद्र पर 50 क्विंटल धान बेचा था। भुगतान के लिए अब मिलर तथा केंद्र प्रभारी टरका रहे हैं।
एक जनवरी से 15 जनवरी तक मुख्यालय स्तर से एफएमएस पोर्टल त्रुटि के कारण कई किसानों का भुगतान अटक गया था। पोर्टल अब दुरुस्त हो गया है। जल्द ही सभी का भुगतान करा दिया जाएगा।
सुधांशु शेखर चौबे, डिप्टी आरएमओ