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गरीबों ने आवास के लिए अफसरों से लगाई गुहार
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 30 Jun 2016 12:20 AM IST
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सिराथू तहसील के अजीजपुर गांव के लोगों ने आवास के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि वह पात्र और गरीब हैं। बीपीएल सूची में उनका नाम भी दर्ज है। आरोप है कि पात्र होने के बाद भी उन्हें आवास नहीं मुहैया कराया जा सका है। आलम यह है कि प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी ने गरीबों के बजाय अपात्रों को मकान आवंटित कर दिया है। इससे गरीब आवास से वंचित हैं। बुधवार को जिलाअधिकारी को ज्ञापन देकर आवास आवंटन की जांच और अपात्रों को दिया गया आवास निरस्त करने की मांग की।
सिराथू तहसील के क्षेत्र के अजीजपुर गांव निवासी कंचन, विरेंद्र कुमार, सुरेंद्र, गेंदा लाल, राकेश, हरिश्चंद्र, राकेश कुमार, राम भवन, ज्ञानकुमार, सूरज कली, चांदनी, सूरसती आदि का कहना है कि वह पात्र और गरीब हैं। उनका बीपीएल सूची में नाम भी है। मगर प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की मनमानी के कारण पात्रों के आवास मुहैया नहीं कराया जा सका है। लोगों का कहना है कि अपात्रों को सुविधा शुल्क लेकर आवास आवंटित किए गए हैं। इससे गरीब मकान पाने से वंचित रह गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खंड विकास अधिकारी को कई बार अवगत कराया गया। फिर भी समस्या का समाधान नहीं कराया जा रहा है। आवास के लिए लोग ब्लॉक और विकास भवन का चक्कर काट रहे हैं।
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सिराथू तहसील के क्षेत्र के अजीजपुर गांव निवासी कंचन, विरेंद्र कुमार, सुरेंद्र, गेंदा लाल, राकेश, हरिश्चंद्र, राकेश कुमार, राम भवन, ज्ञानकुमार, सूरज कली, चांदनी, सूरसती आदि का कहना है कि वह पात्र और गरीब हैं। उनका बीपीएल सूची में नाम भी है। मगर प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की मनमानी के कारण पात्रों के आवास मुहैया नहीं कराया जा सका है। लोगों का कहना है कि अपात्रों को सुविधा शुल्क लेकर आवास आवंटित किए गए हैं। इससे गरीब मकान पाने से वंचित रह गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खंड विकास अधिकारी को कई बार अवगत कराया गया। फिर भी समस्या का समाधान नहीं कराया जा रहा है। आवास के लिए लोग ब्लॉक और विकास भवन का चक्कर काट रहे हैं।
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