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Kaushambi News: अब जिले में ही होगा कीमोथेरेपी से कैंसर का इलाज, भागदौड़ से निजात
Mon, 12 Feb 2024 02:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 12 Feb 2024 02:52 AM IST
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अब जिले में ही होगा कीमोथेरेपी से कैंसर का इलाज, भागदौड़ से निजात
-- मूरतगंज ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आलमचंद में कैंसर रोग विशेषज्ञ तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जानलेवा बीमारी कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें उपचार के लिए प्रयागराज अथवा अन्य बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिले में ही उनका उपचार हो जाएगा। रोगियों को यह सुविधा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आलमचंद में मिल जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी आलमचंद में क्लीनिकल ऑन्कोलाजिस्ट (कैंसर रोग विशेषज्ञ) डॉ.दीपक सोनकर की तैनाती की गई है। कैंसर का उपचार कीमोथेरेपी, सर्जरी और रेडियोथेरैपी तीन तरीकों से होता है। डॉ.दीपक सोनकर के पास कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी दोनों विधि से उपचार का अनुभव है। रेडियोथेरेपी के लिए विशेष मशीनें आती यहां अभी उपलब्ध नहीं हैं।
कैंसर रोग विशेषज्ञ ने ओपीडी में सेवाएं देनी शुरू कर दी हैं। हालांकि, अभी मरीज नहीं आ रहे हैं। इसके लिए आशाबहुओं को प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी दी गई है। इसी के साथ उन दवाओं को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है, जिनकी कीमोथेरेपी में जरूरत पड़ती है, ताकि, शासन को इनकी मांग भेजी जा सके।
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कीमोथेरेपी में चढ़ाई जाती हैं दवाएं
डॉ.दीपक सोनकर बताते हैं कि बच्चेदानी के कैंसर, स्तन कैंसर, पित्त की थैली के कैंसर, आंत के कैंसर, गले के कैंसर समेत अन्य कैंसर होते हैं। इनका उपचार कीमोथेरेपी से होता है। अलग-अलग कैंसर के लिए अलग-अलग दवाएं आती हैं। इस विधि में यह दवाएं मरीजों को चढ़ाई जाती हैं। अब तक ओपीडी में सिर्फ एक मरीज आया है, जिससे रिपोर्ट मंगाई गई है।
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जांच कराने जाना पड़ेगा प्रयागराज
सीएचसी आलमचंद के अधीक्षक डॉ.एसके गुप्ता बताते हैं कि कैंसर के संदिग्ध मरीजों की जांच की अभी जिले में व्यवस्था नहीं है। इसके लिए रोगियों को प्रयागराज ही जाना पड़ेगा। कैंसर का पता चलने के बाद सीएचसी में ही उपचार हो जाएगा। जो पुराने मरीज कहीं बाहर कीमोथेरेपी करा रहे हैं, वह भी यहां पर उपचार करा सकेंगे।
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सीएचसी आलमचंद में कैंसर रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई है। इससे कैंसर के रोगियों को सहूलियत मिलेगी। उन्हें उपचार के लिए किसी दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा।
डॉ.सुष्पेंद्र कुमार,सीएमओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जानलेवा बीमारी कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें उपचार के लिए प्रयागराज अथवा अन्य बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिले में ही उनका उपचार हो जाएगा। रोगियों को यह सुविधा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आलमचंद में मिल जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी आलमचंद में क्लीनिकल ऑन्कोलाजिस्ट (कैंसर रोग विशेषज्ञ) डॉ.दीपक सोनकर की तैनाती की गई है। कैंसर का उपचार कीमोथेरेपी, सर्जरी और रेडियोथेरैपी तीन तरीकों से होता है। डॉ.दीपक सोनकर के पास कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी दोनों विधि से उपचार का अनुभव है। रेडियोथेरेपी के लिए विशेष मशीनें आती यहां अभी उपलब्ध नहीं हैं।
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कैंसर रोग विशेषज्ञ ने ओपीडी में सेवाएं देनी शुरू कर दी हैं। हालांकि, अभी मरीज नहीं आ रहे हैं। इसके लिए आशाबहुओं को प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी दी गई है। इसी के साथ उन दवाओं को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है, जिनकी कीमोथेरेपी में जरूरत पड़ती है, ताकि, शासन को इनकी मांग भेजी जा सके।
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कीमोथेरेपी में चढ़ाई जाती हैं दवाएं
डॉ.दीपक सोनकर बताते हैं कि बच्चेदानी के कैंसर, स्तन कैंसर, पित्त की थैली के कैंसर, आंत के कैंसर, गले के कैंसर समेत अन्य कैंसर होते हैं। इनका उपचार कीमोथेरेपी से होता है। अलग-अलग कैंसर के लिए अलग-अलग दवाएं आती हैं। इस विधि में यह दवाएं मरीजों को चढ़ाई जाती हैं। अब तक ओपीडी में सिर्फ एक मरीज आया है, जिससे रिपोर्ट मंगाई गई है।
जांच कराने जाना पड़ेगा प्रयागराज
सीएचसी आलमचंद के अधीक्षक डॉ.एसके गुप्ता बताते हैं कि कैंसर के संदिग्ध मरीजों की जांच की अभी जिले में व्यवस्था नहीं है। इसके लिए रोगियों को प्रयागराज ही जाना पड़ेगा। कैंसर का पता चलने के बाद सीएचसी में ही उपचार हो जाएगा। जो पुराने मरीज कहीं बाहर कीमोथेरेपी करा रहे हैं, वह भी यहां पर उपचार करा सकेंगे।
सीएचसी आलमचंद में कैंसर रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई है। इससे कैंसर के रोगियों को सहूलियत मिलेगी। उन्हें उपचार के लिए किसी दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा।
डॉ.सुष्पेंद्र कुमार,सीएमओ