{"_id":"53b9087f30c1583427156c2bf48f54a0","slug":"news-hindi-news-69","type":"story","status":"publish","title_hn":"राशन की घटतौली पर फूटा ग्रामीण का गुस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राशन की घटतौली पर फूटा ग्रामीण का गुस्सा
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Mon, 06 Apr 2015 11:47 PM IST
विज्ञापन
मंझनपुर। राशन की घटतौली, ज्यादा कीमत वसूलने को लेकर मुस्तफाबाद गांव के लोगों का सोमवार को फूट पड़ा। कोटेदार की मनमानी के खिलाफ ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम को शिकायतीपत्र देकर कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी ने आपूर्ति अधिकारी को जांच का निर्देश दिया है।
नेवादा ब्लाक के मुस्तफाबाद गांव की रहने वाली सीमा देवी, शिवमोहन, ननकइया, छोटकी देवी, रामप्रसाद, भुल्ला, बबुली, रामलाल, परही, सुंदरलाल, रामसूरत, कमलेश कुमार, दुर्गा प्रसाद आदि ने कोटेदार पर खाद्यान्न और मिट्टी का तेल वितरण में मनमानी का आरोप लगाते हुए मंगलवार को मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों ने दूसरे-तीसरे महीने खाद्यान्न वितरण का आरोप लगाया है। लोगों की मानें तो जब भी दूसरे-तीसरे महीने वितरण भी किया जाता है। तब मिट्टी का तेल, खाद्यान्न का वितरण निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत लेकर किया जाता है।
साथ ही लोहे के बाट के स्थान पर पत्थर से तौल की जाती है। इससे लोगों को 35 किलोग्राम के स्थान पर 32 किलोग्राम ही खाद्यान्न मिलता है। इसका विरोध और शिकायत करने पर उसके परिवार के लोग झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। ग्रामीणों के साथ अभद्रता की जाती है। उन्हें धमकाया जाता है। कोटेदार की इस मनमानी के खिलाफ गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट आकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर खाद्यान्न वितरण की जिलास्तरीय अधिकारी से जांच कराने की मांग की। साथ ही लोगों ने इल्जाम लगाया कि इससे पहले तीन बार उप जिलाधिकारी से भी शिकायत की जा चुकी है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
नेवादा ब्लाक के मुस्तफाबाद गांव की रहने वाली सीमा देवी, शिवमोहन, ननकइया, छोटकी देवी, रामप्रसाद, भुल्ला, बबुली, रामलाल, परही, सुंदरलाल, रामसूरत, कमलेश कुमार, दुर्गा प्रसाद आदि ने कोटेदार पर खाद्यान्न और मिट्टी का तेल वितरण में मनमानी का आरोप लगाते हुए मंगलवार को मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों ने दूसरे-तीसरे महीने खाद्यान्न वितरण का आरोप लगाया है। लोगों की मानें तो जब भी दूसरे-तीसरे महीने वितरण भी किया जाता है। तब मिट्टी का तेल, खाद्यान्न का वितरण निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत लेकर किया जाता है।
विज्ञापन
साथ ही लोहे के बाट के स्थान पर पत्थर से तौल की जाती है। इससे लोगों को 35 किलोग्राम के स्थान पर 32 किलोग्राम ही खाद्यान्न मिलता है। इसका विरोध और शिकायत करने पर उसके परिवार के लोग झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। ग्रामीणों के साथ अभद्रता की जाती है। उन्हें धमकाया जाता है। कोटेदार की इस मनमानी के खिलाफ गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट आकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर खाद्यान्न वितरण की जिलास्तरीय अधिकारी से जांच कराने की मांग की। साथ ही लोगों ने इल्जाम लगाया कि इससे पहले तीन बार उप जिलाधिकारी से भी शिकायत की जा चुकी है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
विज्ञापन