फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   New Phc of Bashkanti village needs treatment

बैशकांटी गांव के न्यू पीएचसी को इलाज की जरूरत

Sat, 15 Feb 2020 12:48 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2020 12:48 AM IST
विज्ञापन
New Phc of Bashkanti village needs treatment
New Phc of Bashkanti village needs treatment - फोटो : KAUSHAMBI
बैशकांटी गांव के न्यू पीएचसी को इलाज की जरूरत
विज्ञापन

तीन साल से डॉक्टर की तैनाती नहीं, फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा केंद्र, परिसर में चारों तरफ पसरी रहती है गंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
करारी। सदर ब्लॉक के बैशकांटी गांव स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीमार है। यहां करीब तीन साल से डॉक्टर नहीं है। केंद्र में समस्याओं का अंबार लगा हुआ। परिसर में चारों तरफ पसरी गंदगी के बीच फार्मासिस्ट के भरोसे केंद्र किसी तरह से चल रहा है। आरोप है कि शिकायत के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यहां कैसे हर रविवार को आरोग्य मेला लगेगा।
ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए प्रदेश सरकार ने सभी पीएचसीए न्यू पीएचसी पर हर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला लगवाने का निर्देश दिया है। मेले में डॉक्टरों की टीम इलाकाई मरीजों की जांच के साथ दवा भी मुहैया कराएंगे। इसे लेकर अमर उजाला टीम हर हफ्ते किसी एक केंद्र के हालात का जायजा लेती है। इसी के तहत शुक्त्रस्वार को टीम ने मंझनपुर क्षेत्र के बैशकांटी स्थित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं की पड़ताल की। हालात बदतर मिले। वर्ष 2017 में डॉण् रोमा टंडन के रिटायर्ड होने के बाद तीन साल से कोई डॉक्टर आया ही नहीं। दो फार्मासिस्ट की तैनाती है। इनमें से अजय सिंह उपस्थित मिले। जबकि दूसरे फार्मासिस्ट अजय कुमार के बारे में बताया गया कि उनकी ड्यूटी टीकाकरण अभियान में लगी है। कुक पुरुषोत्तम उपस्थित थे। वार्डब्वाय मेवालाल एक महीने की छुट्टी पर है। चौकीदार सुनील गैरहाजिर था।
विज्ञापन

चिकित्सक के अभाव में यहां अपेक्षाकृत कम मरीज इलाज आते हैं। जबकि केंद्र में बैशकांटी समेत आसपास के कई गांव के ग्रामीणों की स्वास्थ्य सेवाओं का जिम्मा है। इसके बाद भी शुक्त्रस्वार को सिर्फ 12 मरीज ही फार्मासिस्ट से सर्दीएजुकाम की लाल.पीली दवाएं लेने पहुंचे। गांव के गणेशदीनए राम बाबूए हीरालाल आदि ग्रामीणों का कहना है कि यहां डिलीवरी के लिए कोई व्यवस्था नही है। ऐसे में प्रसव पीड़िताओं को जिला अस्पताल जाना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सालों से बिजली नहींए परिसर में उगे बबूल: स्वास्?थ्?य केंद्र के अंदर बिजली के पोल हैं। ट्रांसफार्मर भी लगा हैए लेकिन सालों से खराब है। केबल चोर काट ले गए। रात में यहां अंधेरा छाया रहता है। डॉक्टर व कर्मचारियों को रहने के लिए लाखों रुपये की लागत से कई कमरे बनावाए गए हैंए लेकिन देखरेख के अभाव में आवास के अलावा अस्पताल के आधे से ज्यादा परिसर में बबूल के पेड़ उग आए हैं। अस्पताल के पीछे की चहारदीवारी भी टूट गई है। आवारा जानवर अंदर घुस आते है। विचरण के साथ ही परिसर में गंदगी फैली हुई है।

वहीं सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी का कहना है कि वैसे तो डॉक्टरों की संख्या जिले में काफी कम है। न्यूपीएचसी बैशकांटी में डॉक्टर की तैनाती के बारे में जानकारी नहीं है। जल्द ही निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। रहा सवाल आरोग्य मेले का तो इसके लिए डॉक्टरों का पूल बना है। पूल के आधार पर मेले के दिन डॉक्टरों को स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजा जाता है।
डॉ पीएन चतुर्वेदी-सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed