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लापरवाही: बोर्ड परीक्षा के लिए अब तक नहीं तैयार हुई कक्ष निरीक्षकों की सूची
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा 24 फरवरी से शुरू होनी है। लेकिन, अभी तक जिले में कक्ष निरीक्षकों की सूची तैयार नहीं हो सकी है।
इसके पीछे डीआईओएस कार्यालय की लापरवाही सामने आ रही है। हालांकि, विभाग इसी सप्ताह कक्ष निरीक्षकों की सूची जारी करने की बात कह रहा है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए वित्तविहीन कॉलेजों ने कक्ष निरीक्षकों के नाम मंगलवार को भी जमा किए हैं। जबकि 10 फरवरी इसकी आखिरी तारीख तय की गई थी।
24 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए शिक्षा विभाग की तैयारियां भी आधी-अधूरी हैं। विभाग अब तक कक्ष निरीक्षकों के नाम तक तय नहीं कर पाया है। नाम तय होने के बाद ही कक्ष निरीक्षकों को उनके परिचय पत्र दिए जा सकेंगे।
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माध्यमिक शिक्षक संघ के एक पदाधिकारी का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही देरी हो रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को यह काम 31 जनवरी तक खत्म कर लेना चाहिए था। बोर्ड की ओर से अभी तक शिफ्टिंग सूची भी स्कूलों को उपलब्ध नहीं हो सकी है।
विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र के बारे में भी विभागीय अधिकारियों की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। कई स्कूलों ने कक्ष निरीक्षकों के नाम भेजने में देरी की है। हालांकि परीक्षा के लिए विभाग की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। डीआईओएस एसएन यादव के मुताबिक इसी सप्ताह कक्ष निरीक्षकों की सूची तैयार करा ली जाएगी।
14 कॉलेजों में नहीं हुई प्रैक्टिकल परीक्षा
जिले में एक से नौ फरवरी तक इंटरमीडिएट बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा आयोजित हुई। इनमें से 14 कॉलेजों के लिए तैनात किए गए परीक्षक नहीं पहुंचे। जिसकी वजह से इन कॉलेजों के बच्चों की प्रयोगात्मक परीक्षा अभी तक नहीं हो सकी है।
मंगलवार को डीआईओएस ने इन कॉलजों की सूची तैयार कर बोर्ड को इसकी जानकारी भेज दी है। डीआईओएस एसएन यादव का कहना है कि बोर्ड के निर्देश पर परीक्षक की तैनाती करते हुए प्रयोगात्मक परीक्षा कराई जाएगी।
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इसके पीछे डीआईओएस कार्यालय की लापरवाही सामने आ रही है। हालांकि, विभाग इसी सप्ताह कक्ष निरीक्षकों की सूची जारी करने की बात कह रहा है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए वित्तविहीन कॉलेजों ने कक्ष निरीक्षकों के नाम मंगलवार को भी जमा किए हैं। जबकि 10 फरवरी इसकी आखिरी तारीख तय की गई थी।
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24 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए शिक्षा विभाग की तैयारियां भी आधी-अधूरी हैं। विभाग अब तक कक्ष निरीक्षकों के नाम तक तय नहीं कर पाया है। नाम तय होने के बाद ही कक्ष निरीक्षकों को उनके परिचय पत्र दिए जा सकेंगे।
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माध्यमिक शिक्षक संघ के एक पदाधिकारी का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही देरी हो रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को यह काम 31 जनवरी तक खत्म कर लेना चाहिए था। बोर्ड की ओर से अभी तक शिफ्टिंग सूची भी स्कूलों को उपलब्ध नहीं हो सकी है।
विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र के बारे में भी विभागीय अधिकारियों की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। कई स्कूलों ने कक्ष निरीक्षकों के नाम भेजने में देरी की है। हालांकि परीक्षा के लिए विभाग की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। डीआईओएस एसएन यादव के मुताबिक इसी सप्ताह कक्ष निरीक्षकों की सूची तैयार करा ली जाएगी।
14 कॉलेजों में नहीं हुई प्रैक्टिकल परीक्षा
जिले में एक से नौ फरवरी तक इंटरमीडिएट बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा आयोजित हुई। इनमें से 14 कॉलेजों के लिए तैनात किए गए परीक्षक नहीं पहुंचे। जिसकी वजह से इन कॉलेजों के बच्चों की प्रयोगात्मक परीक्षा अभी तक नहीं हो सकी है।
मंगलवार को डीआईओएस ने इन कॉलजों की सूची तैयार कर बोर्ड को इसकी जानकारी भेज दी है। डीआईओएस एसएन यादव का कहना है कि बोर्ड के निर्देश पर परीक्षक की तैनाती करते हुए प्रयोगात्मक परीक्षा कराई जाएगी।