{"_id":"5c40d3d9bdec220c2959ce52","slug":"ncc-students-saw-the-villagws-scene","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेवा योजना के विद्यार्थियों ने देखी जिले के पिछड़ेपन की तस्वीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेवा योजना के विद्यार्थियों ने देखी जिले के पिछड़ेपन की तस्वीर
Fri, 18 Jan 2019 12:43 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Fri, 18 Jan 2019 12:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। महामाया राजकीय महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने गुरुवार को मुख्यालय से सटे भक्तन का पुरवा गांव में विकास कार्यों की हकीकत देखी। टोलियों में बंटे छात्र-छात्राओं ने शिक्षा, शौचालय, आधार, आवास, व्यापार आदि कई बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट तैयार की।
सेवा योजना से जुड़े छात्र-छात्राओं ने 145 परिवारों का सर्वे किया। गांव में रहने वाले यह सभी परिवार या तो किसानी करते हैं या फिर मजदूर हैं।
28 परिवार अभी भी खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर हैं। इन्हें सरकार की तरफ से शौचालय की सुविधा का लाभ नहीं मिला। 134 परिवारों के यहां लकड़ी के चूल्हे में खाना पकता है। उज्ज्वला की रोशनी उनके घर में नहीं पहुंच सकी। इस गांव में सौ फीसद लोगों के पास आधार कार्ड बना होने की बात कही गई। लोकसभा चुनाव की तैयारी हो रही है लेकिन गांव में करीब बीस फीसद लोग ऐसे हैं, जिनका फोटोयुक्त वोटर कार्ड नहीं बना था। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि स्वयंसेवियों की नौ टोली सर्वे में लगी थी। एक प्रोफार्मा में गांव के शैक्षिक स्तर, आय के स्रोत, राशन, कार्ड, आधार, शौचालय, उज्ज्वला आदि का आकलन कराया गया है। इस मौके पर डॉ. अजय कुमार, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. स्वाती चौरसिया, डॉ. नीलम, डॉ. रमेश चंद्र, डॉ. भावना केसरवानी, सुशील कुमार श्रीवास्तव, प्रेमचंद्र, अजय कुमार, देवली आदि लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
सेवा योजना से जुड़े छात्र-छात्राओं ने 145 परिवारों का सर्वे किया। गांव में रहने वाले यह सभी परिवार या तो किसानी करते हैं या फिर मजदूर हैं।
28 परिवार अभी भी खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर हैं। इन्हें सरकार की तरफ से शौचालय की सुविधा का लाभ नहीं मिला। 134 परिवारों के यहां लकड़ी के चूल्हे में खाना पकता है। उज्ज्वला की रोशनी उनके घर में नहीं पहुंच सकी। इस गांव में सौ फीसद लोगों के पास आधार कार्ड बना होने की बात कही गई। लोकसभा चुनाव की तैयारी हो रही है लेकिन गांव में करीब बीस फीसद लोग ऐसे हैं, जिनका फोटोयुक्त वोटर कार्ड नहीं बना था। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि स्वयंसेवियों की नौ टोली सर्वे में लगी थी। एक प्रोफार्मा में गांव के शैक्षिक स्तर, आय के स्रोत, राशन, कार्ड, आधार, शौचालय, उज्ज्वला आदि का आकलन कराया गया है। इस मौके पर डॉ. अजय कुमार, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. स्वाती चौरसिया, डॉ. नीलम, डॉ. रमेश चंद्र, डॉ. भावना केसरवानी, सुशील कुमार श्रीवास्तव, प्रेमचंद्र, अजय कुमार, देवली आदि लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन