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Kaushambi News: शीतला अष्टमी पर मां का पूजन,बसौड़ा का भोग लगाया
Thu, 12 Mar 2026 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 12 Mar 2026 01:55 AM IST
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श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन कराने के लिए शीतला मां के गर्भगृह में मौजूद पंडा- संवाद
- फोटो : credit
क्षेत्र में स्थित मां शीलता शक्ति पीठ में बुधवार को शीतला अष्टमी के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही भक्त माता शीतला के दर्शन-पूजन के लिए मंदिर परिसर में पहुंचते रहे। मान्यता है कि इस दिन बसौड़ा (एक दिन पहले बना ठंडा भोजन) का भोग लगाने से माता शीतला प्रसन्न होती हैं और परिवार को रोग-व्याधियों से दूर रखती हैं।
तीर्थ पुरोहित कृष्ण कुमार पांडा ने बताया कि शीतला अष्टमी, जिसे बसौड़ा अष्टमी भी कहा जाता है, चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाने वाला प्राचीन हिंदू पर्व है। इस दिन माता शीतला की पूजा कर एक दिन पहले बने बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। यह पर्व ऋतु परिवर्तन के समय चेचक, खसरा और त्वचा संबंधी रोगों से बचाव तथा स्वास्थ्य की कामना का प्रतीक माना जाता है।
उन्होंने बताया कि इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता और सप्तमी को बना भोजन ही प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया जाता है। पूजा के दौरान शीतलाष्टक का पाठ कर माता को दही, पूड़ी सहित ठंडी चीजों का भोग लगाया जाता है। फरीदगंज निवासी श्याम बिहारी पांडे और रविशंकर गुप्ता ने बताया कि वे हर वर्ष गांव के लोगों के साथ माता के दर्शन के लिए आते हैं। वहीं पंडा समाज के अध्यक्ष आत्म प्रकाश पांडा स्वयंसेवकों के साथ व्यवस्था संभालते रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए थाना प्रभारी त्रिलोकी नाथ पांडे पुलिस बल के साथ मेला क्षेत्र में भ्रमण करते रहे।
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तीर्थ पुरोहित कृष्ण कुमार पांडा ने बताया कि शीतला अष्टमी, जिसे बसौड़ा अष्टमी भी कहा जाता है, चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाने वाला प्राचीन हिंदू पर्व है। इस दिन माता शीतला की पूजा कर एक दिन पहले बने बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। यह पर्व ऋतु परिवर्तन के समय चेचक, खसरा और त्वचा संबंधी रोगों से बचाव तथा स्वास्थ्य की कामना का प्रतीक माना जाता है।
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उन्होंने बताया कि इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता और सप्तमी को बना भोजन ही प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया जाता है। पूजा के दौरान शीतलाष्टक का पाठ कर माता को दही, पूड़ी सहित ठंडी चीजों का भोग लगाया जाता है। फरीदगंज निवासी श्याम बिहारी पांडे और रविशंकर गुप्ता ने बताया कि वे हर वर्ष गांव के लोगों के साथ माता के दर्शन के लिए आते हैं। वहीं पंडा समाज के अध्यक्ष आत्म प्रकाश पांडा स्वयंसेवकों के साथ व्यवस्था संभालते रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए थाना प्रभारी त्रिलोकी नाथ पांडे पुलिस बल के साथ मेला क्षेत्र में भ्रमण करते रहे।

श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन कराने के लिए शीतला मां के गर्भगृह में मौजूद पंडा- संवाद- फोटो : credit

श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन कराने के लिए शीतला मां के गर्भगृह में मौजूद पंडा- संवाद- फोटो : credit
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