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पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्युदर चिंताजनक
kausambi
Updated Sun, 31 May 2015 02:02 AM IST
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मंझनपुर (ब्यूरो)। कलेक्ट्रेट स्थित सम्राट उदयन सभागार में शनिवार को डायरिया, निमोनिया बीमारियों से संबंधित कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें अपर जिलाधिकारी/प्रभारी डीएम सुरेन्द्र कुमार ने जिले में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्युदर पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहाकि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक ही प्रति हजार 113 बच्चों की सालाना मौत दर चिंता का विषय है।
उन्होंने सीएमओ डॉ. राजकुमार समेत बाल विकास विकास विभाग के अफसरों को निर्देश दिया कि वह डायरिया, निमोनिया जैसी बीमारियों और कुपोषण के शिकार बच्चों के इलाज में विशेष गंभीरता दिखाएं। साथ ही बच्चों का टीकारकरण भी समय पर कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। एडीएम ने गांवों में सघन अभियान चलाकर पुष्टाहार का वितरण कराने का भी निर्देश सीएमओ और बाल विकास पुष्टाहार विभाग के अफसर को दिया। इस मौके पर प्रभुनाथ, रमेश पांडेय, डॉ. योगी सिंह, डॉ. बीएल जायसवाल, डॉ. बीएन कुशवाहा, डॉ. घनश्याम द्विवेदी, डॉ. कादिर आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने सीएमओ डॉ. राजकुमार समेत बाल विकास विकास विभाग के अफसरों को निर्देश दिया कि वह डायरिया, निमोनिया जैसी बीमारियों और कुपोषण के शिकार बच्चों के इलाज में विशेष गंभीरता दिखाएं। साथ ही बच्चों का टीकारकरण भी समय पर कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। एडीएम ने गांवों में सघन अभियान चलाकर पुष्टाहार का वितरण कराने का भी निर्देश सीएमओ और बाल विकास पुष्टाहार विभाग के अफसर को दिया। इस मौके पर प्रभुनाथ, रमेश पांडेय, डॉ. योगी सिंह, डॉ. बीएल जायसवाल, डॉ. बीएन कुशवाहा, डॉ. घनश्याम द्विवेदी, डॉ. कादिर आदि मौजूद रहे।
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