फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Mere inclusion of names in matrimonial disputes cannot trigger criminal proceedings: High Court

वैवाहिक विवादों में केवल नाम शामिल कर देने से आपराधिक कार्यवाही नहीं चलाई जा सकती : हाईकोर्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 May 2026 02:33 AM IST
विज्ञापन
Mere inclusion of names in matrimonial disputes cannot trigger criminal proceedings: High Court
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवादों में केवल नाम शामिल कर देने मात्र से किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही नहीं चलाई जा सकती। जब तक उसके खिलाफ सक्रिय भूमिका के ठोस और विशिष्ट आरोप न हों। कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए पति के रिश्तेदारों को राहत दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी की एकलपीठ ने पत्नी की ओर से ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर दिया है।
विज्ञापन

मामला हाथरस के शासनी कोतवाली क्षेत्र का है। पीड़िता ने 2020 में पति, सास-ससुर, देवर और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। हाथरस के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 26 मई 2023 को और अपर सत्र न्यायाधीश ने 29 सितंबर 2025 को पति के रिश्तेदारों को आरोपों से मुक्त कर दिया। इसके खिलाफ पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
विज्ञापन

कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का आदेश न्यायसंगत और विधिसम्मत है। अक्सर वैवाहिक विवादों में पूरे परिवार को सामान्य तरीके से फंसाने की प्रवृत्ति देखी जाती है। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि उन्मोचन के चरण में केवल प्रथम दृष्टया मामला देखा जाना चाहिए, जबकि ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों की विस्तृत विवेचना कर गलती की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने केवल यह परीक्षण किया कि आरोपों के मूल तत्व बनते हैं या नहीं, जो कानून के अनुरूप है। निश्चित आरोपों और सहायक साक्ष्यों के अभाव में रिश्तेदारों के खिलाफ कार्यवाही जारी रखना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed