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Kaushambi News: 11 डिग्री पर पहुंचा पारा, सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा सोमवार
Tue, 31 Dec 2024 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 31 Dec 2024 02:14 AM IST
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मेडिकल कॉलेज के अस्पताल परिसर में ठंडा पड़ा अलाव संवाद
जिले में सोमवार को सर्दी ने सख्त तेवर दिखाए। अधिकतम तापमान 17 डिग्री तो न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस तक खिसक गया। इस पूरे सीजन का सोमवार सबसे ठंडा दिन रहा। दिन भर सूरज के दर्शन तो हुए ही नहीं। तापमान भी लुढ़क गया। शीतलहरी ठिठुरन बढ़ाती रही। घरों में कोई हीटर, ब्लोअर से चिपका रहा कोई रजाई से बाहर ही नहीं निकला। वहीं सड़कों के किनारे लोग अलाव के इर्द-गिर्द नजर आए।
पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर जिले में भी दिखने लगा है। रविवार को अधिकतम तापमान 24.4 और न्यूनतम 14.5 डिग्री सेल्सियस था। सोमवार को अधिकतम तापमान खिसक कर 17.4 डिग्री पर आ गया। न्यूनतम भी लुढ़कते-लुढ़कते 11.6 डिग्री पर पहुंच गया। धूप खिलना तो दूर पूरे दिन सूरज के दर्शन को लोग तरसते रहे।
मंझनपुर के मुख्य बाजार व चौराहों पर थोड़ी बहुत चहल-पहल थी भी। लेकिन, रामवनगमन मार्ग और सिराथू रोड, धाता रोड समेत अन्य प्रमुख मार्गों पर आम दिनों की अपेक्षा वाहनों का आवागमन काफी कम दिखा।
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नगर की किसी भी सड़क पर लोग अलाव के सहारे सर्दी भगाते दिखे। कोई नगर पालिका परिषद की ओर से जलाए अलाव ताप रहा था तो किसी ने खुद अपने दरवाजे पर आग जला रखी थी। मेडिकल कॉलेज में अलाव की लकड़ियां ठंडी पड़ी रहीं।
कस्बे की रहने वाली अर्चना गुप्ता ने बताया कि सुबह मौसम के तेवर देख बच्चों को स्कूल भेजने की हिम्मत नहीं हुई। आलापुर के संदीप सिंह ने बताया कि एक रिश्तेदार को देखने के लिए मंझनपुर के मेडिकल कॉलेज आया था। आलापुर से मंझनपुर तक बाइक से आने में करीब डेढ़ से दो घंटे लग गए। कड़ाके की सर्दी में हर पांच किमी के सफर के बाद रुककर हाथ सेंकना पड़ रहा था।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। पाला भी मिला। फिलहाल अभी मौसम सुधरने की उम्मीद नहीं है।
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आलू की खेती करने वाले किसान चिंतित
पश्चिमशरीरा के किसान अमरनाथ, शंभू, कड़ा के देवीदीन और शमशाद ने बताया कि गेहूं की फसल में इस मौसम से रौनक आएगी। लेकिन, पाला पड़ने से आलू की फसल में रोग लगने का खतरा है। कुछ दिन धूप न निकली तो फसल का बर्बाद होना लगभग तय रहेगा। कई किसानों ने कृषि विज्ञान केंद्र के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डाॅ. नवीन कुमार शर्मा से संपर्क करना शुरू कर दिया है। लोग फसल को बचाने के उपाय पूछ रहे हैं।
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कोल्ड डायरिया का बढ़ा खतरा
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उदहिन के प्रभारी डॉ. नागेंद्र सिंह ने बताया कि पहले हेल्दी मौसम था। इसलिए मरीज कम आ रहे थे। ज्यादा से ज्यादा सर्दी-जुकाम ही परेशान कर रहा था। लेकिन, अब यह मौसम कोल्ड डायरिया को बढ़ावा देने वाला आ गया है। इसमें बच्चों और बड़ों, सभी को अपना ध्यान रखने की जरूरत है। सर्दी से बचकर ही रोगों से सुरक्षित रहा जा सकता है।
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पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर जिले में भी दिखने लगा है। रविवार को अधिकतम तापमान 24.4 और न्यूनतम 14.5 डिग्री सेल्सियस था। सोमवार को अधिकतम तापमान खिसक कर 17.4 डिग्री पर आ गया। न्यूनतम भी लुढ़कते-लुढ़कते 11.6 डिग्री पर पहुंच गया। धूप खिलना तो दूर पूरे दिन सूरज के दर्शन को लोग तरसते रहे।
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मंझनपुर के मुख्य बाजार व चौराहों पर थोड़ी बहुत चहल-पहल थी भी। लेकिन, रामवनगमन मार्ग और सिराथू रोड, धाता रोड समेत अन्य प्रमुख मार्गों पर आम दिनों की अपेक्षा वाहनों का आवागमन काफी कम दिखा।
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नगर की किसी भी सड़क पर लोग अलाव के सहारे सर्दी भगाते दिखे। कोई नगर पालिका परिषद की ओर से जलाए अलाव ताप रहा था तो किसी ने खुद अपने दरवाजे पर आग जला रखी थी। मेडिकल कॉलेज में अलाव की लकड़ियां ठंडी पड़ी रहीं।
कस्बे की रहने वाली अर्चना गुप्ता ने बताया कि सुबह मौसम के तेवर देख बच्चों को स्कूल भेजने की हिम्मत नहीं हुई। आलापुर के संदीप सिंह ने बताया कि एक रिश्तेदार को देखने के लिए मंझनपुर के मेडिकल कॉलेज आया था। आलापुर से मंझनपुर तक बाइक से आने में करीब डेढ़ से दो घंटे लग गए। कड़ाके की सर्दी में हर पांच किमी के सफर के बाद रुककर हाथ सेंकना पड़ रहा था।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। पाला भी मिला। फिलहाल अभी मौसम सुधरने की उम्मीद नहीं है।
आलू की खेती करने वाले किसान चिंतित
पश्चिमशरीरा के किसान अमरनाथ, शंभू, कड़ा के देवीदीन और शमशाद ने बताया कि गेहूं की फसल में इस मौसम से रौनक आएगी। लेकिन, पाला पड़ने से आलू की फसल में रोग लगने का खतरा है। कुछ दिन धूप न निकली तो फसल का बर्बाद होना लगभग तय रहेगा। कई किसानों ने कृषि विज्ञान केंद्र के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डाॅ. नवीन कुमार शर्मा से संपर्क करना शुरू कर दिया है। लोग फसल को बचाने के उपाय पूछ रहे हैं।
कोल्ड डायरिया का बढ़ा खतरा
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उदहिन के प्रभारी डॉ. नागेंद्र सिंह ने बताया कि पहले हेल्दी मौसम था। इसलिए मरीज कम आ रहे थे। ज्यादा से ज्यादा सर्दी-जुकाम ही परेशान कर रहा था। लेकिन, अब यह मौसम कोल्ड डायरिया को बढ़ावा देने वाला आ गया है। इसमें बच्चों और बड़ों, सभी को अपना ध्यान रखने की जरूरत है। सर्दी से बचकर ही रोगों से सुरक्षित रहा जा सकता है।

मेडिकल कॉलेज के अस्पताल परिसर में ठंडा पड़ा अलाव संवाद

मेडिकल कॉलेज के अस्पताल परिसर में ठंडा पड़ा अलाव संवाद