{"_id":"5ca8fe93bdec22146a72dde6","slug":"meating-with-love-with-voters","type":"story","status":"publish","title_hn":"गरीब वोटरों के बीच बदले-बदले नजर आ रहे ‘सरकार’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गरीब वोटरों के बीच बदले-बदले नजर आ रहे ‘सरकार’
Sun, 07 Apr 2019 01:01 AM IST
shailendra Kumar
kaushambi bureau
kaushambi bureau
Published by: shailendra Kumar
Updated Sun, 07 Apr 2019 01:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। लोकसभा चुनाव का आगाज होने के बाद एयरकंडीशनर गाड़ी व बंगले में रहने वाले नेता गरीबों के पास वोट मांगने पहुंच रहे हैं। हमदर्दी जाहिर करने के लिए कोई पसीने से तर-ब-तर वोटर को गले लगा रहा है तो उसके साथ जमीन पर ही बैठ कर अपनी बात शुरू कर देता है। नेताओं के अचानक बदले रंग को जिले की जनता बखूबी भांप रही है। ग्रामीण जनता भी निराश किए बगैर सबको वोट देने का लॉलीपाप दे रही है।
लोकसभा चुनाव इस बार प्रचंड गर्मी के बीच होने जा रहा है। अप्रैल के महीने में ही सुबह दस बजे के बाद से सूरज की किरणें तल्ख हो जाती हैं। कौशाम्बी जिला कृषि आधारित है। किसान इन दिनों चना, सरसों और गेहूं की कटाई में व्यस्त है। ऐसे में नेताओं को ज्यादा परेशानी हो रही है। सुबह से ही किसान खेत में पसीना बहाने पहुंच जाता है। ऐसे में चुनाव में उतरे विभिन्न दलों के नेताओं को वोट मांगने के लिए चटख दुपहरी में भी वोटर के पास खेत जाना पड़ रहा है। सारा दिन एयरकंडीशन में रहने वाले नेता घर से चमकदार कपड़ों में निकलते हैं लेकिन शाम होते-होते कपड़ों की रंगत उड़ जा रही है। भइया, दादा और रिश्तों का हवाला देकर वोट मांगा जा रहा है। कोई पूर्व में की गई भूल के लिए जनता के सामने माफी मांग रहा है तो कोई अपने कार्यों का हवाला देकर वोट मांग रहा है। जनता प्रत्याशियों के अचानक बदले सुर को बखूबी भांप रही है। इसी लिए वह अपने पत्ते नहीं खोल रही है। गांव आने वाले हर प्रत्याशी को जीत का भरोसा दिया जा रहा है।
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव इस बार प्रचंड गर्मी के बीच होने जा रहा है। अप्रैल के महीने में ही सुबह दस बजे के बाद से सूरज की किरणें तल्ख हो जाती हैं। कौशाम्बी जिला कृषि आधारित है। किसान इन दिनों चना, सरसों और गेहूं की कटाई में व्यस्त है। ऐसे में नेताओं को ज्यादा परेशानी हो रही है। सुबह से ही किसान खेत में पसीना बहाने पहुंच जाता है। ऐसे में चुनाव में उतरे विभिन्न दलों के नेताओं को वोट मांगने के लिए चटख दुपहरी में भी वोटर के पास खेत जाना पड़ रहा है। सारा दिन एयरकंडीशन में रहने वाले नेता घर से चमकदार कपड़ों में निकलते हैं लेकिन शाम होते-होते कपड़ों की रंगत उड़ जा रही है। भइया, दादा और रिश्तों का हवाला देकर वोट मांगा जा रहा है। कोई पूर्व में की गई भूल के लिए जनता के सामने माफी मांग रहा है तो कोई अपने कार्यों का हवाला देकर वोट मांग रहा है। जनता प्रत्याशियों के अचानक बदले सुर को बखूबी भांप रही है। इसी लिए वह अपने पत्ते नहीं खोल रही है। गांव आने वाले हर प्रत्याशी को जीत का भरोसा दिया जा रहा है।
विज्ञापन