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Kaushambi News: दहेज के लिए पत्नी को जिंदा जलाने के दोषी को आठ साल की सजा
Tue, 01 Oct 2024 05:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 01 Oct 2024 05:48 AM IST
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पत्नी के दहेज हत्यारोपी संतोष।
दहेज के लिए पत्नी को जिंदा जलाकर हत्या करने के दोषी पति को कोर्ट ने आठ साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 18 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
वादी अभियोजन के अनुसार प्रयागराज जिले के करेली थानांतर्गत जलालपुर भर्ती निवासी बलकरन ने वर्ष 2016 अपनी बेटी रंजना की शादी पूरामुफ्ती कोतवाली के उजिहिनी खालसा गांव में रहने वाले संतोष के साथ किया था।
आरोप है कि रंजना के ससुर और पति शादी के बाद से ही एक लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे। असमर्थता जाहिर करने पर एक सितंबर 2018 को चारपाई से बांध कर रंजना को आग के हवाले कर दिया। एसआरएन में भर्ती रंजना की पांच दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।
मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय प्रथम विष्णुदेव सिंह की अदालत में चला।
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शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्ध कुमार मिश्रा की ओर से न्यायालय में छह गवाह प्रस्तुत किए गए। गवाहों के बयान और पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने आरोपी संतोष को दहेज हत्या का दोषी करार दिया। वहीं दूसरे आरोपी मृतका के ससुर बच्चा को संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने दोष मुक्त कर दिया।
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वादी अभियोजन के अनुसार प्रयागराज जिले के करेली थानांतर्गत जलालपुर भर्ती निवासी बलकरन ने वर्ष 2016 अपनी बेटी रंजना की शादी पूरामुफ्ती कोतवाली के उजिहिनी खालसा गांव में रहने वाले संतोष के साथ किया था।
आरोप है कि रंजना के ससुर और पति शादी के बाद से ही एक लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे। असमर्थता जाहिर करने पर एक सितंबर 2018 को चारपाई से बांध कर रंजना को आग के हवाले कर दिया। एसआरएन में भर्ती रंजना की पांच दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।
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मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय प्रथम विष्णुदेव सिंह की अदालत में चला।
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शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्ध कुमार मिश्रा की ओर से न्यायालय में छह गवाह प्रस्तुत किए गए। गवाहों के बयान और पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने आरोपी संतोष को दहेज हत्या का दोषी करार दिया। वहीं दूसरे आरोपी मृतका के ससुर बच्चा को संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने दोष मुक्त कर दिया।