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यूक्रेन में फंसा गोविंदपुर का अनुराग, सलामती के लिए परिजन कर रहे प्रार्थना
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यूक्रेन में फंसे छात्र अनुराग सिंह का फोटो
- फोटो : KAUSHAMBI
तहसील के गोविंदपुर दरहा गांव का एक मेडिकल छात्र यूक्रेन के खारकीव शहर में फंसा हुआ है। वह अपने वतन लौटने के लिए खारकीव शहर में जद्दोजहद कर रहा है। छात्र के फंसे होने की जानकारी परिवार के लोगों ने प्रशासन को दी है। मंगलवार शाम तहसीलदार चायल दीपिका सिंह ने छात्र के घर पहुंचकर परिजनों को बेटे की सकुशल वापसी का भरोसा दिलाया है।
गोविंदपुर दरहा निवासी अशोक सिंह सरायअकिल कस्बे में मेडिकल स्टोर चलाते हैं। उनकी दो संतानों में से बड़ी बेटी डॉ. प्रीति सिंह बीएचयू में सीनियर रेजिडेंट हैं। बेटे अनुराग सिंह ने जीआईसी प्रयागराज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की।
चार साल पहले वह एमबीबीएस करने के लिए यूक्रेन गया। वहां खारकीव शहर में रहकर पढ़ाई करता है। यूक्रेन में अनुराग सिंह के फंसे होने की जानकारी जब पिता अशोक सिंह और अन्य परिजनों को हुई तो वे चिंतित हो गए। मंगलवार को जानकारी पाकर तहसीलदार चायल दीपिका सिंह अनुराग के गांव पहुंचीं और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें बेटे की सकुशल वतन वापसी का भरोसा दिलाया।
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पिता अशोक सिंह ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बेटा यूक्रेन में फंसा है। दूतावास से कोई मदद नहीं मिल रही है। बताया कि बेटे अनुराग से दिन में दो बार उनकी बात होती है। बात के दौरान बेटा अपने को असुरक्षित होने की बात बताता है तो कलेजा कांप जाता है।
पिता अशोक सिंह ने यह भी बताया कि खारकीव शहर से भारत आने के लिए अनुराग और उसके अन्य साथी पिछले दो दिनों से ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। बेटे ने बताया कि शहर में लगातार धमाके हो रहें है। इस कारण बंकर में छिपना सभी की मजबूरी है। अनुराग ने बताया कि यदि ट्रेन मिली तो वह सबसे पहले लबीब के रास्ते 11 सौ किलोमीटर का रास्ता तय करने के बाद पोलैंड बार्डर पर पहुंच कर रोमानिया पहुंचेंगे। इसके बाद वह रोमानिया से हवाई जहाज से भारत आएगा।
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गोविंदपुर दरहा निवासी अशोक सिंह सरायअकिल कस्बे में मेडिकल स्टोर चलाते हैं। उनकी दो संतानों में से बड़ी बेटी डॉ. प्रीति सिंह बीएचयू में सीनियर रेजिडेंट हैं। बेटे अनुराग सिंह ने जीआईसी प्रयागराज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की।
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चार साल पहले वह एमबीबीएस करने के लिए यूक्रेन गया। वहां खारकीव शहर में रहकर पढ़ाई करता है। यूक्रेन में अनुराग सिंह के फंसे होने की जानकारी जब पिता अशोक सिंह और अन्य परिजनों को हुई तो वे चिंतित हो गए। मंगलवार को जानकारी पाकर तहसीलदार चायल दीपिका सिंह अनुराग के गांव पहुंचीं और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें बेटे की सकुशल वतन वापसी का भरोसा दिलाया।
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पिता अशोक सिंह ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बेटा यूक्रेन में फंसा है। दूतावास से कोई मदद नहीं मिल रही है। बताया कि बेटे अनुराग से दिन में दो बार उनकी बात होती है। बात के दौरान बेटा अपने को असुरक्षित होने की बात बताता है तो कलेजा कांप जाता है।
पिता अशोक सिंह ने यह भी बताया कि खारकीव शहर से भारत आने के लिए अनुराग और उसके अन्य साथी पिछले दो दिनों से ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। बेटे ने बताया कि शहर में लगातार धमाके हो रहें है। इस कारण बंकर में छिपना सभी की मजबूरी है। अनुराग ने बताया कि यदि ट्रेन मिली तो वह सबसे पहले लबीब के रास्ते 11 सौ किलोमीटर का रास्ता तय करने के बाद पोलैंड बार्डर पर पहुंच कर रोमानिया पहुंचेंगे। इसके बाद वह रोमानिया से हवाई जहाज से भारत आएगा।

गोविंदपुर गांव में छात्र अनुराग सिंह के परिजनों से बात करती तहसीदार चायल दीपिका सिंह- फोटो : KAUSHAMBI