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बुझ गईं लोहिया गांवों की सोलर लाइटें
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Mon, 03 Jul 2017 01:26 AM IST
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सपा शासन काल में गांवों का विकास लोहिया समग्र गांव के रूप में कराया गया था। पांच साल के कार्यकाल में चयनित लोहिया गांवों को सोलर लाइट से जगमग किया गया था। सपा सरकार के जाते ही 60 फीसदी लोहिया समग्र गांवों की सोलर लाइटें बुझ र्गइं। इसके चलते लोहिया समग्र गांव शाम होते ही अंधेरे में डूब जाते हैं।
वर्ष 2012 में प्रदेश की सत्ता में आई अखिलेश सरकार ने गांवों का विकास लोहिया समग्र गांव के रूप में कराया। इस दौरान शासन ने वर्ष 2012-13 में 21 व बाकी के वित्तीय वर्षों में 27-27 लोहिया गांवों का चयन किया था। इन गांवों के लोगों को अंधेरे में न रहना पड़े इसे देखते हुए सोलर लाइटें लगवाई गई थीं। पांच साल के भीतर चयनित 109 लोहिया समग्र गांवों में शासन द्वारा 10 हजार 325 सोलर लाइटें लगवाई गई थीं।
शाम होते ही जलने वाली यह सोलर लाइटें सपा शासनकाल में सत्ता का गुणगान कर रही थीं। तीन माह पहले सूबे से सपा सरकार के जाते ही लोहिया गांवों में लगी सोलर लाइटें बुझने लगीं। आज हालत यह है कि लोहिया समग्र गांवों में लगी 80 फीसदी सोलर लाइटें बुझ चुकी हैं। बानगी के तौर पर लोहिया समग्र गांव अंधवां को लिया जा सकता है।
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इस गांव की 80 फीसदी सोलर लाइटें काम करना बंद चुकी हैं। यही हाल विकास खंड नेवादा के बसुहार गांव का है। यहां भी सोलर लाइटें काम नहीं कर रही हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि निर्भय मिश्र का कहना है कि उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी बंद पड़ी सोलर लाइटों को ठीक नहीं कराया जा रहा है। इसके चलते सपा शासनकाल के लोहिया समग्र गांव अब अंधेरे में डूबने लगे हैं।
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वर्ष 2012 में प्रदेश की सत्ता में आई अखिलेश सरकार ने गांवों का विकास लोहिया समग्र गांव के रूप में कराया। इस दौरान शासन ने वर्ष 2012-13 में 21 व बाकी के वित्तीय वर्षों में 27-27 लोहिया गांवों का चयन किया था। इन गांवों के लोगों को अंधेरे में न रहना पड़े इसे देखते हुए सोलर लाइटें लगवाई गई थीं। पांच साल के भीतर चयनित 109 लोहिया समग्र गांवों में शासन द्वारा 10 हजार 325 सोलर लाइटें लगवाई गई थीं।
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शाम होते ही जलने वाली यह सोलर लाइटें सपा शासनकाल में सत्ता का गुणगान कर रही थीं। तीन माह पहले सूबे से सपा सरकार के जाते ही लोहिया गांवों में लगी सोलर लाइटें बुझने लगीं। आज हालत यह है कि लोहिया समग्र गांवों में लगी 80 फीसदी सोलर लाइटें बुझ चुकी हैं। बानगी के तौर पर लोहिया समग्र गांव अंधवां को लिया जा सकता है।
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इस गांव की 80 फीसदी सोलर लाइटें काम करना बंद चुकी हैं। यही हाल विकास खंड नेवादा के बसुहार गांव का है। यहां भी सोलर लाइटें काम नहीं कर रही हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि निर्भय मिश्र का कहना है कि उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी बंद पड़ी सोलर लाइटों को ठीक नहीं कराया जा रहा है। इसके चलते सपा शासनकाल के लोहिया समग्र गांव अब अंधेरे में डूबने लगे हैं।