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जोखिम में जान : 2900 ई-रिक्शा चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं
Fri, 16 Feb 2024 04:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 16 Feb 2024 04:24 AM IST
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अजुहा कस्बे में हाईवे पर आड़ा तिरछा खड़े ई-रिक्सा। संवाद
अगर आप ई-रिक्शा में बैठ रहें हैं तो इस बात की तस्दीक कर लें कि चालक के पास ड्राइवरी लाइसेंस है अथवा नहीं। ई-रिक्शा चालकों को अब ई-कार्ट के तहत लाइसेंस लेना होगा। बावजूद इसके जिले में पंजीकृत 32 सौ ई-रिक्शा चालक के सापेक्ष महज तीन सौ चालकों ने ही लाइसेंस बनवाया है। 29 सौ ई-रिक्शा चालक बिना लाइसेंस के ही सड़क पर फर्राटा भर रहे हैं।
ई-रिक्शा चालकों के लिए अब शासन ने ई-कार्ट लाइसेंस की व्यवस्था लागू की है। इसमें लर्निंग लाइसेंस का शुल्क 150 रुपये व परमानेंट बनवाने पर 700 रुपये परिवहन विभाग में जमा करना होगा। इस लाइसेंस का नवीनीकरण हर पांच साल में कराना अनिवार्य किया गया है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 3200 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इनमें करीब तीन सौ चालकों ने ही ड्राइविंग लाइसेंस हासिल किया है। यह आकंड़ा 10 फीसदी से भी कम है। ऐसे में ई-रिक्शा का सफर जोखिम भरा साबित हो सकता है।
नाबालिगों के हाथ में ई-रिक्शा की कमान
एक ई-रिक्शा की कीमत 1.70 लाख रुपये के करीब होती है। इसलिए अधिकतर लोग तीन सौ रुपये प्रतिदिन के किराए पर ई-रिक्शा लेकर चलाते हैं। चालक की रोजाना की औसतन कमाई पांच से सात सौ रुपये के बीच होती है। बमुश्किल दो सौ रुपये की बचत के चलते अधिकतर नाबालिग ही ई-रिक्शा चला रहे हैं।
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बिना ई-कार्ड लाइसेंस पर पांच हजार का चालान
एआरटीओ तारकेश्वर मल्ल ने बताया कि ई- रिक्शा चालकों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। बिना ई-कार्ड लाइसेंस वाले चालकों का पांच हजार रुपये का चालान किया जाता है। जिन लोगों का चालान हो रहा है, वह कार्यालय में आकर लाइसेंस भी बनवा रहे हैं।
इनका कहना है
मेरे पास खुद का ई-रिक्शा है। दिन भर की कमाई पांच सौ रुपये के करीब हो पाती है। अगर चालक की पगार निकालने पर कमाई तो दूर गाड़ी खरीदने में लगी रकम का ब्याज भी निकलना मुश्किल हो जाता है।
राहुल कुमार, अजुहा
सड़क पर ई-रिक्शा की भरमार है। प्रशिक्षित चालक रखने पर कमाई तो दूर गाड़ी की किस्त भी निकालना मुश्किल हो जाएगा। निर्देशों का पालन किया जाता है। लाइसेंसधारक को ही ई-रिक्शा देने का प्रयास होगा।
संजू, मौलवीपुर
ई-रिक्शा चालकों को अलग से लाइसेंस लेना होगा। इस संबंध में टेंपो-टैक्सी यूनियन के लोगों के साथ बैठक कर जानकारी दी गई है। बिना लाइसेंस के अगर कोई ई-रिक्शा चलाता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
तारकेश्वर मल्ल, एआरटीओ
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ई-रिक्शा चालकों के लिए अब शासन ने ई-कार्ट लाइसेंस की व्यवस्था लागू की है। इसमें लर्निंग लाइसेंस का शुल्क 150 रुपये व परमानेंट बनवाने पर 700 रुपये परिवहन विभाग में जमा करना होगा। इस लाइसेंस का नवीनीकरण हर पांच साल में कराना अनिवार्य किया गया है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 3200 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इनमें करीब तीन सौ चालकों ने ही ड्राइविंग लाइसेंस हासिल किया है। यह आकंड़ा 10 फीसदी से भी कम है। ऐसे में ई-रिक्शा का सफर जोखिम भरा साबित हो सकता है।
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नाबालिगों के हाथ में ई-रिक्शा की कमान
एक ई-रिक्शा की कीमत 1.70 लाख रुपये के करीब होती है। इसलिए अधिकतर लोग तीन सौ रुपये प्रतिदिन के किराए पर ई-रिक्शा लेकर चलाते हैं। चालक की रोजाना की औसतन कमाई पांच से सात सौ रुपये के बीच होती है। बमुश्किल दो सौ रुपये की बचत के चलते अधिकतर नाबालिग ही ई-रिक्शा चला रहे हैं।
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बिना ई-कार्ड लाइसेंस पर पांच हजार का चालान
एआरटीओ तारकेश्वर मल्ल ने बताया कि ई- रिक्शा चालकों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। बिना ई-कार्ड लाइसेंस वाले चालकों का पांच हजार रुपये का चालान किया जाता है। जिन लोगों का चालान हो रहा है, वह कार्यालय में आकर लाइसेंस भी बनवा रहे हैं।
इनका कहना है
मेरे पास खुद का ई-रिक्शा है। दिन भर की कमाई पांच सौ रुपये के करीब हो पाती है। अगर चालक की पगार निकालने पर कमाई तो दूर गाड़ी खरीदने में लगी रकम का ब्याज भी निकलना मुश्किल हो जाता है।
राहुल कुमार, अजुहा
सड़क पर ई-रिक्शा की भरमार है। प्रशिक्षित चालक रखने पर कमाई तो दूर गाड़ी की किस्त भी निकालना मुश्किल हो जाएगा। निर्देशों का पालन किया जाता है। लाइसेंसधारक को ही ई-रिक्शा देने का प्रयास होगा।
संजू, मौलवीपुर
ई-रिक्शा चालकों को अलग से लाइसेंस लेना होगा। इस संबंध में टेंपो-टैक्सी यूनियन के लोगों के साथ बैठक कर जानकारी दी गई है। बिना लाइसेंस के अगर कोई ई-रिक्शा चलाता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
तारकेश्वर मल्ल, एआरटीओ

अजुहा कस्बे में हाईवे पर आड़ा तिरछा खड़े ई-रिक्सा। संवाद

अजुहा कस्बे में हाईवे पर आड़ा तिरछा खड़े ई-रिक्सा। संवाद