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प्रतिदिन मानवता के साथ जिंदगी गुजारें
ब्यूरो/ अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Thu, 11 Dec 2014 12:53 AM IST
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मानवाधिकार दिवस पर रिजवी कालेज आफ लॉ में आयोजित गोष्ठी में बोले जनपद न्यायाधीश
करारी (ब्यूरो)। समाज को सही दिशा में ले जाने के लिए अच्छी सोच की जरूरत है। प्रत्येक व्यक्ति हर दिन मानवता के साथ जिंदगी गुजारने का संकल्प ले। अपने इस वादे को अमल में ले आएं, तभी बात बनेगी। समाज का सुधार होगा। यह सीख मानवाधिकार दिवस पर बुधवार को डॉ. रिजवी कालेज आफ ला करारी में आयोजित गोष्ठी में जनपद न्यायाधीश उमेश कुमार ने कहीं।
मानवाधिकार दिवस पर बुधवार को करारी स्थित डॉ. रिजवी कालेज आफ ला में गोष्ठी आयोजित की गई थी। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे जनपद एवं सत्र न्यायाधीश उमेश कुमार ने कहा कि मौजूदा समय में मानवाधिकार का संरक्षण पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि समाज में मानवाधिकार का संरक्षण दिवस विशेष को मनाने और इस दिन कार्यक्रमों के आयोजन से संभव नहीं है। इसके लिए मन में अच्छी सोच रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खुद लोगों को अपने मन में यह संकल्प लेना होगा, कि वे प्रत्येक दिन मानवता के साथ गुजारेंगे।
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वहीं कालेज के प्रो. एसएस हुसैन ने कहा कि समाज का स्वरूप दिन-ब-दिन बिगड़ता जा रहा है। मानवाधिकार यानि मानव का अधिकार तो आम आदमी की जिंदगी से जुड़ा है। पर, जब आदमी ही नहीं रहेंगे, तो उसका अधिकार का क्या होगा। उन्होंने जरा-जरा सी बात पर एक-दूसरे की जान के दुश्मन बन जाने पर चिंता जाहिर की। कहा कि लोगों को अपनी इस मानसिकता से पार पाना होगा।
अन्य वक्ताओं ने भी इस मौके पर अपनी बात रखी, लोगों को मानवीय जीवन जीने का संदेश दिया। मौके पर कालेज के प्रबंधक राशिद रिजवी, प्राचार्य डॉ. आईए आजमी, संजय चौबे, आलोक श्रीवास्तव, आनंद कुमार आदि मौजूद रहे।
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करारी (ब्यूरो)। समाज को सही दिशा में ले जाने के लिए अच्छी सोच की जरूरत है। प्रत्येक व्यक्ति हर दिन मानवता के साथ जिंदगी गुजारने का संकल्प ले। अपने इस वादे को अमल में ले आएं, तभी बात बनेगी। समाज का सुधार होगा। यह सीख मानवाधिकार दिवस पर बुधवार को डॉ. रिजवी कालेज आफ ला करारी में आयोजित गोष्ठी में जनपद न्यायाधीश उमेश कुमार ने कहीं।
मानवाधिकार दिवस पर बुधवार को करारी स्थित डॉ. रिजवी कालेज आफ ला में गोष्ठी आयोजित की गई थी। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे जनपद एवं सत्र न्यायाधीश उमेश कुमार ने कहा कि मौजूदा समय में मानवाधिकार का संरक्षण पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है।
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उन्होंने कहा कि समाज में मानवाधिकार का संरक्षण दिवस विशेष को मनाने और इस दिन कार्यक्रमों के आयोजन से संभव नहीं है। इसके लिए मन में अच्छी सोच रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खुद लोगों को अपने मन में यह संकल्प लेना होगा, कि वे प्रत्येक दिन मानवता के साथ गुजारेंगे।
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वहीं कालेज के प्रो. एसएस हुसैन ने कहा कि समाज का स्वरूप दिन-ब-दिन बिगड़ता जा रहा है। मानवाधिकार यानि मानव का अधिकार तो आम आदमी की जिंदगी से जुड़ा है। पर, जब आदमी ही नहीं रहेंगे, तो उसका अधिकार का क्या होगा। उन्होंने जरा-जरा सी बात पर एक-दूसरे की जान के दुश्मन बन जाने पर चिंता जाहिर की। कहा कि लोगों को अपनी इस मानसिकता से पार पाना होगा।
अन्य वक्ताओं ने भी इस मौके पर अपनी बात रखी, लोगों को मानवीय जीवन जीने का संदेश दिया। मौके पर कालेज के प्रबंधक राशिद रिजवी, प्राचार्य डॉ. आईए आजमी, संजय चौबे, आलोक श्रीवास्तव, आनंद कुमार आदि मौजूद रहे।