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Kaushambi News: सास-ससुर की हत्या में दोषी बहू को आजीवन कारावास

Tue, 01 Aug 2023 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Tue, 01 Aug 2023 12:16 AM IST
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Life imprisonment to the daughter-in-law convicted in the murder of mother-in-law
मंझनपुर। भरवारी के व्यापारी केशव प्रसाद केसरवानी व उनकी पत्नी रामकली की हत्या की दोषी बहू रागिनी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 14 साल पूर्व हुई घटना में पुलिस ने हत्या के लिए दुष्प्रेरित करने की धारा में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने साक्ष्य व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर इसे हत्या माना।
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भरवारी कस्बे के नया बाजार निवासी केशव प्रसाद केसरवानी व उनकी पत्नी रामकली का एक मई 2009 को घर के अंदर फंदे पर लटका शव मिला था। पुलिस ने पहले खुदकुशी व बाद में जान देने के लिए उकसाने की धारा में चार्जशीट दाखिल की। मामला अपर जिला जज फास्ट ट्रैक द्वितीय आभा पाल की अदालत में विचाराधीन था।
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घटना स्थल पर पुलिस द्वारा ली गई तस्वीर व मृतका के ब्लाउज में मिले सुसाइड नोट को आधार बनाते हुए मृतक के छोटे बेटे संजीव केसरवानी, उसकी पत्नी रागिनी, संजीव के ससुर व साले के खिलाफ सुनवाई शुरू की गई। संजीव व उसके ससुर की मौत हो चुकी है। साले को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। इस प्रकरण में अदालत ने रागिनी को आजीवन कारावास के साथ 50 हजार रुपया जुर्माना जमा करने का भी आदेश दिया है।
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बेटा बोला अदालत पर था भरोसा, मिला इंसाफ
मंझनपुर। मुकदमे की पैरवी मृतक दंपती के बेटे सुशील केसरवानी कर रहे थे। जिस वक्त घटना हुई वह परिवार के साथ प्रयागराज में रहते थे। घटना की जानकारी के बाद वह जब आए तो एक पल उन्हें भी लगा कि मां-बाप ने खुदकुशी की है। लेकिन उनका कहना था कि पिता बुजदिल नहीं थे। इसलिए मामला खुदकुशी का नहीं हो सकता है। इस पर उन्होंने कानून का सहारा लिया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सोमवार को अदालत ने फैसला सुनाया। सुशील का कहना है कि अदालत पर भरोसा था, इंसाफ की जीत हुई है।



यहां से तस्दीक हुई हत्या की बात
विवेचक ने घटना स्थल की जो फोटो खींचकर कोर्ट में भेजी थी, उसमें रस्सी के दोनों छोर में दंपती के शव लटके थे व उनके पैर जमीन पर टिके दिख रहे थे। मृतका के ब्लाउज में उसके पति द्वारा लिखा गया बयान मिला, जिसमें उसने अपने साथ किसी तरह की अनहोनी होने पर बेटे संजीव, रागिनी पत्नी संजीव व उससे ससुर व साले को दोषी बताया था। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. आशुतोष पांडेय की रिपोर्ट में कहा गया कि दंपती के गले की हड्डी (हाइट बोन फ्रैक्चर) टूटी थी। ऐसे में साफ है कि हत्या के बाद शव फंदे से लटकाया गया था।




घर हड़पने के लिए हुआ दोहरा हत्याकांड
मंझनपुर। मृतक केशव प्रसाद जिस घर में रहते थे, उसकी कीमत उस वक्त तकरीबन 20 लाख थी। जिस दिन घटना हुई उस दिन भी बहू से पानी भरने को लेकर विवाद हुआ। इसी दिन दोषी रागिनी के पिता व भाई भी घर आए थे। इस पर शादी के एक कार्ड के पीछे उन्होंने (केशव) साजिश की बात लिखी व उसे पत्नी को ब्लाउज में रखने के लिए दे दिया। पंचनामा के दौरान मिले इस कार्ड ने पूरी कहानी ही पलट कर रख दी। संवाद
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