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विजय सिंह हत्याकांड में दो लोगों को आजीवन कारावास
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पिपरी कोतवाली के भगवतपुर गांव में छह साल पहले विजय सिंह हत्याकांड के दो आरोपियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 60-60 हजार रुपये जमा करने का आदेश दिया है। शनिवार को सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट मोहर्रिर ने दोनों आरोपियों को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया।
अभियोजन के मुताबिक वादी भगवतपुर गांव निवासी महंत सिंह उर्फ शिवशंकर ने पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 13 मार्च 2015 को दोपहर तीन बजे उसके बेटे विजय सिंह को बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
बताया कि पुरानी रंजिश को लेकर पल्सर सवार तीन हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में चिल्ला मुंजफ्ता निवासी रावेंद्र सिंह व दो अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने रावेंद्र सिंह, मिलन उर्फ मिलन पाल सहित चार लोगों को चिह्नित किया। जांच के बाद विवेचक ने मामले की चार्जशीट अदालत में दाखिल की।
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यह मामला अपर जिला जज छह संजय कुमार मिश्र की अदालत में विचाराधीन था। मुकदमे के विचारण के दौरान साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने दो लोगों को बरी कर दिया। अभियोजन की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर तिवारी ने बहस की। कोर्ट ने शनिवार को रावेंद्र सिंह व मिलन उर्फ मिलन पाल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 60-60 हजार रुपये जुर्माना लगाया। सजा सुनाने के बाद दोनों दोषियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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अभियोजन के मुताबिक वादी भगवतपुर गांव निवासी महंत सिंह उर्फ शिवशंकर ने पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 13 मार्च 2015 को दोपहर तीन बजे उसके बेटे विजय सिंह को बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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बताया कि पुरानी रंजिश को लेकर पल्सर सवार तीन हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में चिल्ला मुंजफ्ता निवासी रावेंद्र सिंह व दो अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने रावेंद्र सिंह, मिलन उर्फ मिलन पाल सहित चार लोगों को चिह्नित किया। जांच के बाद विवेचक ने मामले की चार्जशीट अदालत में दाखिल की।
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यह मामला अपर जिला जज छह संजय कुमार मिश्र की अदालत में विचाराधीन था। मुकदमे के विचारण के दौरान साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने दो लोगों को बरी कर दिया। अभियोजन की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर तिवारी ने बहस की। कोर्ट ने शनिवार को रावेंद्र सिंह व मिलन उर्फ मिलन पाल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 60-60 हजार रुपये जुर्माना लगाया। सजा सुनाने के बाद दोनों दोषियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।