Kaushambi : शिवकुमारी हत्याकांड में हत्यारे को उम्रकैद व जुर्माना, चार वर्ष पूर्व हुई थी घटना
मुकदमें का परीक्षण अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वित्तीय की अदालत में किया गया। राज्य सरकार की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार चौधरी ने वादी मुकदमा समेत कुल छह गवाहों को कोर्ट में बुलाकर कर गवाही कराई।
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अपर जिला जज/फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वित्तीय पूर्णिमा प्रांजल ने सराय अकिल थाना क्षेत्र में करीब चार साल पूर्व हुए शिवकुमारी हत्याकांड में वृहस्पतिवार को फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी को हत्या का दोषी पाने पर उम्रकैद व दस हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। वादी अभियोजन के अनुसार सराय अकिल थाना क्षेत्र के चौपुरवा निवासी शिवकुमारी पांच अक्तूबर 2020 की अलसुबह करीब पांच बजे शौच के लिए गांव के बाहर गई थी।
जैसे ही वह एआरके कान्वेंट स्कूल के पास पहुंची थी कि गांव के ही अशोक कुमार ने पीछे से उसे दबोच लिया और शोर मचाने पर चापड से ताबड-तोड वार कर मौत के घाट उतार दिया। पोस्टमार्टम में मृतका के गले व शरीर में धारदार हथियार की कई चोटें पाई गईं। घटना बावत मृतका शिवकुमारी के पोते कपिलदेव ने गांव के ही अशोक कुमार के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचनात्मक कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अशोक के खिलाफ कोर्ट में हत्या आरोप पत्र दाखिल किया।
मुकदमें का परीक्षण अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वित्तीय की अदालत में किया गया। राज्य सरकार की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार चौधरी ने वादी मुकदमा समेत कुल छह गवाहों को कोर्ट में बुलाकर कर गवाही कराई। बहस करते हुए एडीजीसी ने घटना को साबित बताया और दोषी को कठोर से कठोर दंड देने का अनुरोध किया। बचाव पक्ष की ओर से तमाम दलीलें पेश करके दोषी को संदेह का लाभ देकर दोष मुक्त किए जाने की अपील की गई।
दोनों ओर से की गई बहस को सुनने व पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने शिवकुमारी की नृशंस तरीके से हत्या के लिए अशोक कुमार को दोषी करार देकर उम्रकैद व दस हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की अदायगी नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पडेगा।