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Kaushambi News: सड़क हादसे में शहीद जवान बृजेश पाल का हुआ अंतिम संस्कार
Sat, 28 Feb 2026 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 28 Feb 2026 12:17 AM IST
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पार्थिव शरीर को सलामी देते सैन्य कर्मी- संवाद
सैनी कोतवाली क्षेत्र के मधवामई गांव के समीप सड़क हादसे में जान गंवाने वाले आर्मी जवान बृजेश कुमार पाल के निधन के दूसरे दिन भी गांव कानेमई में शोक की लहर बनी रही। दोपहर बाद जब सैन्य कर्मी का शव घर पहुंचा तो पत्नी व परिजनों की चीत्कार से पूरा मोहल्ला गूंज उठा।
गौरतलब है कि बृजेश कुमार पाल शादी समारोह से लौटते समय बुधवार रात अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जबकि उनके साथ बाइक पर सवार साथी अब भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। लेकिन वाहन का अब तक पता नहीं चल सका है।
दूसरे दिन शुक्रवार दोपहर बाद जब सैन्य कर्मी का शव घर पहुंचा तो लोग अंतिम दर्शन के लिए अपने घरों के छतों पर मौजूद रहे। जिस घर में छह माह के इकलौते पुत्र शौर्य पाल का मुंडन संस्कार होना था, वहां अब मातम पसरा है। पत्नी रक्षा देवी बेसुध हैं और परिजन उन्हें संभालने में लगे हैं।
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गांव के पुश्तैनी खेत में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बम्हरौली से आए सूबेदार मिलन शर्मा के नेतृत्व में हवलदार एनएन शुक्ल, हवलदार मोरे, हवलदार आरएस पाल व सिग्नल मैन सुबो रॉय ने जवान को कंधा दिया और सलामी देकर अंतिम विदाई दी।
अंतिम यात्रा में भारी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए, लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के न पहुंचने से लोगों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जाए।
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गौरतलब है कि बृजेश कुमार पाल शादी समारोह से लौटते समय बुधवार रात अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जबकि उनके साथ बाइक पर सवार साथी अब भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। लेकिन वाहन का अब तक पता नहीं चल सका है।
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दूसरे दिन शुक्रवार दोपहर बाद जब सैन्य कर्मी का शव घर पहुंचा तो लोग अंतिम दर्शन के लिए अपने घरों के छतों पर मौजूद रहे। जिस घर में छह माह के इकलौते पुत्र शौर्य पाल का मुंडन संस्कार होना था, वहां अब मातम पसरा है। पत्नी रक्षा देवी बेसुध हैं और परिजन उन्हें संभालने में लगे हैं।
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गांव के पुश्तैनी खेत में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बम्हरौली से आए सूबेदार मिलन शर्मा के नेतृत्व में हवलदार एनएन शुक्ल, हवलदार मोरे, हवलदार आरएस पाल व सिग्नल मैन सुबो रॉय ने जवान को कंधा दिया और सलामी देकर अंतिम विदाई दी।
अंतिम यात्रा में भारी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए, लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के न पहुंचने से लोगों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जाए।

पार्थिव शरीर को सलामी देते सैन्य कर्मी- संवाद