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तबाही से एक और किसान की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Thu, 30 Apr 2015 12:06 AM IST
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मौसम की मार से बर्बाद हुई फसलों के सदमे में किसानों की मौत का सिलसिला बंद नहीं हो रहा है। मंगलवार की रात भी सिराथू तहसील के सौरई बुजुर्ग गांव के किसान नसीमुद्दीन (50) की मौत हो गई। मंगलवार की शाम ही उसने फसल की मड़ाई कराई थी। एक चौथाई से भी कम पैदावार देख वह परेशान हो उठा। परिजनों के मुताबिक खेती के लिए उसने 15 हजार रुपया कर्ज लिया था। फसल बर्बाद होने से कर्ज और जून में होने वाली बेटी को लेकर वह परेशान थे। मामले में एसडीएम सिराथू जवाहरलाल ने बताया की किसान की मौत की सूचना मिलने पर राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को जांच के लिए भेजा गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार की रात भी सिराथू तहसील के सौरई बुजुर्ग गांव के किसान नसीमुद्दीन (50) की मौत हो गई। उसके बेटों ने बताया कि कुल एक बीघा खेत है। इसमें गेहूं की बुआई की गई थी। बुआई के लिए पिताजी ने 15 हजार रुपये कर्ज भी ले रखा है। जून में उसकी बहन की शादी भी होनी है। मौसम की मार से फसल तबाह होने से कर्ज और बहन की शादी की फिक्र उन्हें थी। वह खेतों में गिरकर बर्बाद हुई फसलें देखकर परेशान रहने लगे थे। मंगलवार की शाम मड़ाई कराई गई, तो एक बीघे में 10 के बजाय दो कुंतल गेहूं मिला। इतनी कम पैदावार हुई देख उनके होश उड़ गए। परिजनों के मुताबिक खलिहान से लौटते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। देर रात अचानक हुई मौत से कुनबे में मातम पसरा हुआ है।
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मंगलवार की रात भी सिराथू तहसील के सौरई बुजुर्ग गांव के किसान नसीमुद्दीन (50) की मौत हो गई। उसके बेटों ने बताया कि कुल एक बीघा खेत है। इसमें गेहूं की बुआई की गई थी। बुआई के लिए पिताजी ने 15 हजार रुपये कर्ज भी ले रखा है। जून में उसकी बहन की शादी भी होनी है। मौसम की मार से फसल तबाह होने से कर्ज और बहन की शादी की फिक्र उन्हें थी। वह खेतों में गिरकर बर्बाद हुई फसलें देखकर परेशान रहने लगे थे। मंगलवार की शाम मड़ाई कराई गई, तो एक बीघे में 10 के बजाय दो कुंतल गेहूं मिला। इतनी कम पैदावार हुई देख उनके होश उड़ गए। परिजनों के मुताबिक खलिहान से लौटते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। देर रात अचानक हुई मौत से कुनबे में मातम पसरा हुआ है।
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