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सदमे में अनेठा के किसान राजाराम की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Sun, 26 Apr 2015 11:57 PM IST
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मौसम की मार से बर्बाद हुई फसलों के सदमे में किसानों की मौत का सिलसिला जारी है। रविवार को भी सदमे में सिराथू तहसील के मोहब्बतपुर अनेठा गांव के किसान राजाराम (65) की सांसें थम गईं। इसके साथ ही जिले में सदमे से मरने वाले किसानों की तादात 22 हो गई है। राजाराम के बेटे महेश ने बताया कि उसके पास कुल 3 बीघा खेत है। इसमें से दो बीघे में गेहूं की फसल बोई गई थी। उसका कहना है कि मार्च महीने में तेज हवाओं के साथ बार-बार हुई बरसात के कारण गेहूं की सारी फसल गिरकर बर्बाद हो गई थी।
इससे बालियों में दाने ही नहीं पड़े। उसका कहना है कि खेत में बर्बाद फसल समेटकर शनिवार को मड़ाई की गई थी। बर्बादी के बाद भी यह अनुमान था कि 7-8 कुंतल गेहूं की पैदावार हो जाएगी। पर, मड़ाई में सिर्फ दो कुंतल ही अनाज निकला। इतनी कम उपज देख उसके पिता परेशान हो गए थे। रात भर वह ठीक से सो नहीं सके थे। सुबह भी खलिहान के पास जाकर करीब दो घंटे तक गुमसुम बैठे रहे। उसके बाद घर आकर चारपाई पर लेट गए। कुछ देर बाद ही उनकी सांसें थम र्गइं। बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों का मानना है कि बर्बाद हुई फसल के गम में ही उन्हें दिल का दौरा पड़ा और मौत हो गई। किसान की मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा है।
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इससे बालियों में दाने ही नहीं पड़े। उसका कहना है कि खेत में बर्बाद फसल समेटकर शनिवार को मड़ाई की गई थी। बर्बादी के बाद भी यह अनुमान था कि 7-8 कुंतल गेहूं की पैदावार हो जाएगी। पर, मड़ाई में सिर्फ दो कुंतल ही अनाज निकला। इतनी कम उपज देख उसके पिता परेशान हो गए थे। रात भर वह ठीक से सो नहीं सके थे। सुबह भी खलिहान के पास जाकर करीब दो घंटे तक गुमसुम बैठे रहे। उसके बाद घर आकर चारपाई पर लेट गए। कुछ देर बाद ही उनकी सांसें थम र्गइं। बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों का मानना है कि बर्बाद हुई फसल के गम में ही उन्हें दिल का दौरा पड़ा और मौत हो गई। किसान की मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा है।
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