कौशाम्बी : जिला अस्पताल की दूसरी मंजिल से खिड़की तोड़कर दो अपहृत किशोरी फरार
किशोरियां पिछले दिनों अपने प्रेमी के साथ भागी थी, जिन्हें पुलिस बरामद करके लाई थी। सेंटर से फरार किशोरियों की तलाश में रेलवे व बस स्टेशन में चेकिंग कराई गई। इसके अलावा उनके प्रेमी के घरों पर भी पुलिस ने दबिश दी लेकिन कोई फायदा नहीं मिला।
विस्तार
जिला अस्पताल स्थित वन स्टॉप सेंटर की खिड़की तोड़कर दो नाबालिग लड़कियां बृहस्पतिवार दोपहर भाग निकली। दूसरी मंजिल में रखी गई किशोरियां खिड़की की ग्रिल तोड़ने के बाद साड़ी के सहारे नीचे उतरी थी। घटना की जानकारी के बाद पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया।
किशोरियां पिछले दिनों अपने प्रेमी के साथ भागी थी, जिन्हें पुलिस बरामद करके लाई थी। सेंटर से फरार किशोरियों की तलाश में रेलवे व बस स्टेशन में चेकिंग कराई गई। इसके अलावा उनके प्रेमी के घरों पर भी पुलिस ने दबिश दी लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। मामले में देर शाम वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर ने पुलिस को तहरीर दी है।
जिला अस्पताल की दूसरी मंजिल में वन स्टॉप सेंटर बनाया गया है। यहां पिछले दिनों आठ किशोरियां अदालत के आदेश पर रखी गई थी। सेंटर के जिम्मेदारों के अलावा इनकी सुरक्षा का जिम्मा महिला थाना पुलिस का भी था।
बृहस्पतिवार दोपहर तब हड़कंप मच गया जब पता चला कि सेंटर में रहीं करारी और सदर कोतवाली इलाके एक-एक लड़कियां गायब है। छानबीन के दौरान पता चला किया दोनों लड़कियां खिड़की की ग्रिल तोड़कर उसमें साड़ी बांध के नीचे उतरी और भाग निकली। दोनों लड़कियों को भागता देख साथ में रही अन्य लड़कियों ने शोर मचाया तो मामले की जानकारी हुई।
घटना की जानकारी वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर शशि त्रिपाठी ने पुलिस को दी। मैनेजर ने बताया कि वह अपने केबिन में थी। इस दौरान पता चला कि दो लड़किया भाग गई है। एक लड़की छह दिन पहले करारी इलाके से आई थी और दूसरी मंझनपुर कोतवाली इलाके की थी। घटना की तहरीर पुलिस को दे दी गई है।
इनका कहना है
वन स्टॉप सेंटर में महिला आरक्षी प्रतिमा सहित चार महिला होमगार्डो की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन वहां की मूल जिम्मेदारी वन स्टॉप सेंटर के लोगों की होती है। दो किशोरियों के भागने की जानकारी के बाद रेलवे स्टेशन और बस स्टाफ में चेकिंग कराई गई। साथ ही जहां वह जा सकती है वहां पर दविश दी जा रही है।
सुशीला तिवारी, थानाध्यक्ष, महिला थाना
क्या है वन स्टॉप सेंटर
यहां पर पुलिस घरेलू हिंसा की शिकार महिला या घर से भागी नाबालिग उन किशोरियों को रखती है जो अदालत में धारा 164 के तहत बयान में अपने मां-बाप के साथ या परिवार के लोगों के साथ नहीं जाने की बात कहती है। दो से तीन दिन काउंसिलिंग करने के बाद भी अगर पीड़िता अपनों के पास जाने के लिए राजी नहीं होती तो उसे नारी निकेतन भेज दिया जाता है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई- एसपी
इस संबंध में कौशाम्बी के पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा ने कहा कि लापता किशोरियों का मामला गंभीर है। इस प्रकरण में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सुरक्षा में नियुक्त महिला आरक्षी प्रतिमा को लाइन हाजिर किया गया है। मामले की जांच सीओ सदर को दी गई है। प्रकरण की जांच के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है।