कौशाम्बी : फिरौती के लिए बालक का अपहरण करने वाला बदमाश गिरफ्तार
सदर कोतवाली के भेलखा गांव निवासी ध्यान सिंह यादव का दो वर्षीय बेटा आरुष 28 जनवरी को रहस्मय हालत में लापता हो गया था। इस मामले की शिकायत पर पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की।
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फिरौती के लिए दो साल के बालक को अगवा करने वाले बदमाश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए बदमाश की गिरफ्तारी के लिए एसपी हेमराज मीणा ने 10 हजार का इनाम घोषित किया था। बदमाश के पास से वारदात में प्रयुक्त बाइक व मोबाइल फोन बरामद हुआ है। शनिवार को पकड़े गए आरोपी का चालान न्यालाय भेजा गया, जहां कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है।
सदर कोतवाली के भेलखा गांव निवासी ध्यान सिंह यादव का दो वर्षीय बेटा आरुष 28 जनवरी को रहस्मय हालत में लापता हो गया था। इस मामले की शिकायत पर पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की। इस बीच पता चला कि रिश्तेदार आशीष के साथ आरुष देखा गया था। पुलिस ने आशीष के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली तो उसके फोन पर एक नंबर से कई बार कॉल की गई थी।
एसपी ने गठित की टीम
यह नंबर आशीष के भाई अजीत का था। अजीत मुंबई के धागा मिल में काम करता था। नंबर की लोकेशन देखी गई वह सिराथू इलाके में बता रहा था। पुलिस ने आशीष के साथ कड़ाई से पूछताछ की तो उसने आरुष के अपहरण की बात स्वीकार कर ली। बताया कि 20 लाख की फिरौती के लिए उसने अपने भाई अजीत के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची थी।
पुलिस ने आशीष के बताए पते पर घेराबंदी की तो अजीत व उसका साथी सैनी कोतवाली के गुलामीपुर निवासी अजय प्रजापति सिराथू में आरुष को छोड़कर भाग निकले। इस मामले में आशीष व उसका भाई अजीत पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। अजय प्रजापति फरार था। एसपी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 10 हजार का इनाम घोषित किया था।
इंस्पेक्टर विनोद सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह पता चला कि अजय कहीं भागने के फिराक में कादीपुर के पास खड़ा है। इस पर उन्होंने एचसीपी अखिलेश सिंह, राजीव तिवारी व आरक्षी मनोज सिंह के साथ घेराबंदी कर अजय को गिरफ्तार कर लिया। अजय के पास से वारदात में प्रयुक्त बाइक व मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
अजय ने बताया कि वह अजीत और वह मुंबई में साथ काम करते थे। आरुष को लाकर आशीष ने उसे सौंपा था। घटना वाले दिन ही उसके घर में सगाई का कार्यक्रम था। आरुष को लेकर वह अपने घर गया। यहां उसने व अजीत ने कार्यक्रम में फोटो खिंचवाई लेकिन बदकिस्मती से राज खुल गया।