{"_id":"175743eb2a343cae25f23ac7b598745f","slug":"kaushambi-news-hindi-news-585","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहरों में पानी नहीं होने से भड़की भाकियू, की नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहरों में पानी नहीं होने से भड़की भाकियू, की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूराे काैश्ााम्बी
Updated Wed, 10 Feb 2016 12:17 AM IST
विज्ञापन
नहरों में पानी नहीं होने से फसलों की पर्याप्त सिंचाई नहीं हो रही है।
विज्ञापन
बर्बाद हो रही फसलों को लेकर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने
मंझनपुर में अधिकारियों पर किसानों की अनदेखी का इल्जाम जड़ा। नहरों में
टेल तक पानी उपलब्ध कराने के लिए 8 दिन का समय दिया। चेताया कि मांग पूरी
नहीं हुई, तो भाकियू कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे।
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की मंझनपुर में मंगलवार को बैठक हुई। इसमें किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। आक्रोश जताया गया कि मौसम की मार से बेहाल किसानों की अनदेखी की जा रही है। यही कारण है कि सूखे के बाद भी बिजली की कटौती बंद नहीं हो रही है। नहरों में टेल तक पानी मुहैया कराने का प्रयास तक नहीं किया जा रहा है। इसके कारण गेहूं की फसल भी बर्बाद होने लगी है। भाकियू के मंडल अध्यक्ष नूरूल इस्लाम ने कहा कि जिले का किसान ओलावृष्टि, बेसौसम बरसात और सूखे के कारण पहले ही बर्बाद हो चुका है।
किसानों को उसके नुकसान का मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। करारी और अलीपुरजीता माइनर में कई वर्षों से पानी नहीं छोड़ा गया है। इसके अलावा किशुनपुर पंप कैनाल से जुड़ी नहर और माइनरों में भी धूल उड़ रही है। कहा कि आठ दिन के भीतर यदि सभी नहरों में टेल तक पानी नहीं छोड़ा गया और किसानों की अन्य समस्याओं को दूर नहीं किया गया, तो भाकियू कार्यकर्ता किसानों के साथ प्रदर्शन करने के लिए बाध्य हाेंगे। इस मौके पर भैयालाल धुरिया, अलोपी नाथ, देवनाथ, धर्मराज तिवारी, नूरजहां, छेदीलाल, वेद प्रकाश आदि लोग मौजूद रहे।
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की मंझनपुर में मंगलवार को बैठक हुई। इसमें किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। आक्रोश जताया गया कि मौसम की मार से बेहाल किसानों की अनदेखी की जा रही है। यही कारण है कि सूखे के बाद भी बिजली की कटौती बंद नहीं हो रही है। नहरों में टेल तक पानी मुहैया कराने का प्रयास तक नहीं किया जा रहा है। इसके कारण गेहूं की फसल भी बर्बाद होने लगी है। भाकियू के मंडल अध्यक्ष नूरूल इस्लाम ने कहा कि जिले का किसान ओलावृष्टि, बेसौसम बरसात और सूखे के कारण पहले ही बर्बाद हो चुका है।
किसानों को उसके नुकसान का मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। करारी और अलीपुरजीता माइनर में कई वर्षों से पानी नहीं छोड़ा गया है। इसके अलावा किशुनपुर पंप कैनाल से जुड़ी नहर और माइनरों में भी धूल उड़ रही है। कहा कि आठ दिन के भीतर यदि सभी नहरों में टेल तक पानी नहीं छोड़ा गया और किसानों की अन्य समस्याओं को दूर नहीं किया गया, तो भाकियू कार्यकर्ता किसानों के साथ प्रदर्शन करने के लिए बाध्य हाेंगे। इस मौके पर भैयालाल धुरिया, अलोपी नाथ, देवनाथ, धर्मराज तिवारी, नूरजहां, छेदीलाल, वेद प्रकाश आदि लोग मौजूद रहे।