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जिले में खाकी सुस्त, लुटेरे मस्त
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Fri, 25 Dec 2015 11:54 PM IST
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कौशाम्बी में वर्ष 2015 चोर और लुटेरों के नाम रहा। बीते 11 महीने 25 दिनों में हर दिन किसी न किसी गांव या बाजार में बदमाशों ने अपना कहर दिखाया। इस साल अब तक 228 चोरी की घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा 15 लूट और 4 डाका डालने की वारदातें भी हुई। और ये आंकड़े पुलिस के हैं। जबकि सैकड़ों मामले दर्ज ही नहीं किए गए। पूरे साल खाकी सुस्त रही। जबकि चोर लुटेरे मस्ती में लूट-पाट करते रहे। पुलिस सिर्फ चोरी, लूट की रिपोर्ट दर्ज करने तक सीमित रही। तभी तो 250 से अधिक वारदातों में एक का भी खुलासा कौशाम्बी के 13 थानों की पुलिस नहीं कर सकी।
कभी दस्युओं की पनाहस्थली के नाम से कुख्यात रहा द्वाबा अब चोर-उचक्कों का गढ़ बन चुका है। तभी तो यहां शायद ही ऐसी कोई रात गुजरे, जब चोरी, लूट जैसी कोई घटना न हो। रोजाना बेखौफ चोर-बदमाशों के गिरोह किसी न किसी गांव, कस्बे में मकान दुकान खंगाल रहे हैं। पुलिस के आंकड़े खुद ही इसकी गवाही दे रहे हैं। यही नहीं कौशाम्बी में चोरी की घटनाओं में साल-दर-साल इजाफा भी हो रहा है। कह सकते हैं कि चोरों के आगे कौशाम्बी की खाकी बेबस है।
रिपोर्ट लिखाने में पसीना छूट गया
चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में पुलिस दिलचस्पी नहीं रखती है पर चोरी की घटना हो जाए तो सवाल इतने खड़ी करती है कि रिपोर्ट लिखाने में पीड़ित को पसीना छूट जाता है। इसके बाद भी अगर पुलिस रिपोर्ट लिखने पर राजी होती है तो चोरी गए सामानों की संख्या कम करा देती है या फिर उतने सामान का जिक्र ही नहीं होने देती। घटना से परेशान पीड़ितों को अफसरों का चक्कर लगाना पड़ता है।
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06 जनवरी: पिपरी के असरावल कला बाजार में सर्राफ की दुकान में चोरी।
12 जनवरी: कोखराज के भरवारी बाजार में सर्राफ की दो दुकान से लाखों की चोरी।
01 फरवरी: पइंसा गांव में संजय के घर तीन लाख की चोरी।
15 फरवरी: कोखराज के भरवारी कस्बा निवासी रमेश के घर से दो लाख की चोरी।
03 मार्च: मंझनपुर एआरटीओ दफ्तर से कम्प्यूटर आदि की चोरी।
14 मार्च: करारी के कासिम गांव निवासी सीताराम के घर से नगदी समेत तीन लाख के गहने चोरी।
03 अप्रैल: चरवा थाना क्षेत्र के बेरुआ गांव निवासी बडे़लाल के घर से चोरों ने तीन लाख की संपत्ति उड़ाई।
07 मई: करारी के अंसारगंज में ज्वैलरी शाप से दो लाख के गहने चोरी।
18 सितंबर: पिपरी के शाहपुर गांव में दो घरों से 5 लाख का माल चोरी।
24 अक्तूबर: पुरामुफ्ती में 3 दुकानों से लाखों का सामान चोरी।
19 नवंबर: पश्चिम शरीरा के वीरेंद्र सिंह के मकान के सामने से ट्रैक्टर चोरी।
16 दिसंबर: करारी कस्बे और चकहिंगुई गांव में 8 घरों से लाखों का सामान चोरी।
01 मार्च: कोखराज के धन्नी गांव निवासी धर्मबीर से तमंचा सटा नगदी-बाइक की लूट।
05 मार्च: पुरामुफ्ती में नकाबपोश बदमाशों ने तमंचा सटाकर सब्जी विक्रेता को लूटा।
04 मई: कोखराज के टेंगाई गांव के समीप रमेश और राजू से बाइक लूटी।
21 जून: पिपरी के मकनपुर गांव निवासी नत्थू लाल को पेड़ मेें बांध टैक्टर लूट ले गए बदमाश।
08 अगस्त: मंझनपुर के मलाकसद्दी गांव निवासी सर्राफा व्यापारी से सरेराह एक लाख रुपये के गहने की लूट।
10 सितंबर: पिपरी के लोधौर गांव निवासी सर्राफा दुकानदार का गहने से भरा बैग बदमाशों ने किया पार।
2 नवंबर: कोखराज के भरवारी कस्बे में व्यापारी से लाखों के गहने लेकर उचक्के फरार।
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कभी दस्युओं की पनाहस्थली के नाम से कुख्यात रहा द्वाबा अब चोर-उचक्कों का गढ़ बन चुका है। तभी तो यहां शायद ही ऐसी कोई रात गुजरे, जब चोरी, लूट जैसी कोई घटना न हो। रोजाना बेखौफ चोर-बदमाशों के गिरोह किसी न किसी गांव, कस्बे में मकान दुकान खंगाल रहे हैं। पुलिस के आंकड़े खुद ही इसकी गवाही दे रहे हैं। यही नहीं कौशाम्बी में चोरी की घटनाओं में साल-दर-साल इजाफा भी हो रहा है। कह सकते हैं कि चोरों के आगे कौशाम्बी की खाकी बेबस है।
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रिपोर्ट लिखाने में पसीना छूट गया
चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में पुलिस दिलचस्पी नहीं रखती है पर चोरी की घटना हो जाए तो सवाल इतने खड़ी करती है कि रिपोर्ट लिखाने में पीड़ित को पसीना छूट जाता है। इसके बाद भी अगर पुलिस रिपोर्ट लिखने पर राजी होती है तो चोरी गए सामानों की संख्या कम करा देती है या फिर उतने सामान का जिक्र ही नहीं होने देती। घटना से परेशान पीड़ितों को अफसरों का चक्कर लगाना पड़ता है।
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06 जनवरी: पिपरी के असरावल कला बाजार में सर्राफ की दुकान में चोरी।
12 जनवरी: कोखराज के भरवारी बाजार में सर्राफ की दो दुकान से लाखों की चोरी।
01 फरवरी: पइंसा गांव में संजय के घर तीन लाख की चोरी।
15 फरवरी: कोखराज के भरवारी कस्बा निवासी रमेश के घर से दो लाख की चोरी।
03 मार्च: मंझनपुर एआरटीओ दफ्तर से कम्प्यूटर आदि की चोरी।
14 मार्च: करारी के कासिम गांव निवासी सीताराम के घर से नगदी समेत तीन लाख के गहने चोरी।
03 अप्रैल: चरवा थाना क्षेत्र के बेरुआ गांव निवासी बडे़लाल के घर से चोरों ने तीन लाख की संपत्ति उड़ाई।
07 मई: करारी के अंसारगंज में ज्वैलरी शाप से दो लाख के गहने चोरी।
18 सितंबर: पिपरी के शाहपुर गांव में दो घरों से 5 लाख का माल चोरी।
24 अक्तूबर: पुरामुफ्ती में 3 दुकानों से लाखों का सामान चोरी।
19 नवंबर: पश्चिम शरीरा के वीरेंद्र सिंह के मकान के सामने से ट्रैक्टर चोरी।
16 दिसंबर: करारी कस्बे और चकहिंगुई गांव में 8 घरों से लाखों का सामान चोरी।
01 मार्च: कोखराज के धन्नी गांव निवासी धर्मबीर से तमंचा सटा नगदी-बाइक की लूट।
05 मार्च: पुरामुफ्ती में नकाबपोश बदमाशों ने तमंचा सटाकर सब्जी विक्रेता को लूटा।
04 मई: कोखराज के टेंगाई गांव के समीप रमेश और राजू से बाइक लूटी।
21 जून: पिपरी के मकनपुर गांव निवासी नत्थू लाल को पेड़ मेें बांध टैक्टर लूट ले गए बदमाश।
08 अगस्त: मंझनपुर के मलाकसद्दी गांव निवासी सर्राफा व्यापारी से सरेराह एक लाख रुपये के गहने की लूट।
10 सितंबर: पिपरी के लोधौर गांव निवासी सर्राफा दुकानदार का गहने से भरा बैग बदमाशों ने किया पार।
2 नवंबर: कोखराज के भरवारी कस्बे में व्यापारी से लाखों के गहने लेकर उचक्के फरार।