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भीखा गर्ग का पुरा में 10 दिनों से अंधेरा
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Thu, 15 Oct 2015 11:31 PM IST
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तार टूटकर गिरने से कौशाम्बी के भीखा गर्ग का पुरा गांव में 10 दिनों से बत्ती गुल है। गांववालों को जहां रात अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है। वहीं नलकूप ठप होने से धान समेत अन्य फसलों की सिंचाई नहीं होने से किसान परेशान हैं। शिकायत के बाद भी टूटकर लटक रहे तार को दुरूस्त नहीं किए जाने से लोगों में आक्रोश है।
कौशाम्बी के भीखा गर्ग का पुरा गांव में बिजली आपूर्ति गोपसहसा उपकेंद्र से होती है। सप्लाई के लिए कई साल पहले खींची गई विद्युत लाइन के तार जर्जर हो चुके हैं। जो आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं। अभी 10 दिन पहले भी तार टूटकर गिर गया था। जिसकी चपेट में आने से विन्देश्वरी प्रसाद, रामचंद्र और मानसिंह के एक-एक जानवरों की मौत भी हो चुकी थी। तार टूटकर गिरने और इसकी चपेट में आकर मवेशियों की मौत की सूचना देने पर सप्लाई बंद कर दी गई थी। गांव के रहने वाले छोटू तिवारी, कालिका प्रसाद, धीरेंद्र कुमार दूबे, अभिमन्यु, लवकुश कुमार दूबे, बुधराम पाल आदि ने बताया कि 5 अक्तूबर की रात से तार टूटकर गिरा है।
इसकी जानकारी उपकेंद्र के अवर अभियंता और एसडीओ को दी जा चुकी है। हादसे के बाद भी अब तक गांव में बिजली विभाग का कोई कर्मचारी नहीं आया। इससे अब भी टूटा हुआ तार पड़ा हुआ है। वहीं पूरे गांव की बत्ती गुल है। बिजली आपूर्ति ठप होने से गांववालों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत को किसानों को हो रही है। बिजली नहीं मिलने से उनके नलकूप खिलौना बने हैं। उधर, दो महीने से बारिश भी नहीं हुई है। वहीं नलकूप ठप होने से किसान धान की फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इससे फसल सूखने की कगार पर पहुंच चुकी है। वहीं पानी के अभाव में लोग सरसों, आलू, मटर, मसूर आदि की बुआई भी नहीं कर पा रहे हैं। इसका किसानों में गुस्सा है।
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कौशाम्बी के भीखा गर्ग का पुरा गांव में बिजली आपूर्ति गोपसहसा उपकेंद्र से होती है। सप्लाई के लिए कई साल पहले खींची गई विद्युत लाइन के तार जर्जर हो चुके हैं। जो आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं। अभी 10 दिन पहले भी तार टूटकर गिर गया था। जिसकी चपेट में आने से विन्देश्वरी प्रसाद, रामचंद्र और मानसिंह के एक-एक जानवरों की मौत भी हो चुकी थी। तार टूटकर गिरने और इसकी चपेट में आकर मवेशियों की मौत की सूचना देने पर सप्लाई बंद कर दी गई थी। गांव के रहने वाले छोटू तिवारी, कालिका प्रसाद, धीरेंद्र कुमार दूबे, अभिमन्यु, लवकुश कुमार दूबे, बुधराम पाल आदि ने बताया कि 5 अक्तूबर की रात से तार टूटकर गिरा है।
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इसकी जानकारी उपकेंद्र के अवर अभियंता और एसडीओ को दी जा चुकी है। हादसे के बाद भी अब तक गांव में बिजली विभाग का कोई कर्मचारी नहीं आया। इससे अब भी टूटा हुआ तार पड़ा हुआ है। वहीं पूरे गांव की बत्ती गुल है। बिजली आपूर्ति ठप होने से गांववालों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत को किसानों को हो रही है। बिजली नहीं मिलने से उनके नलकूप खिलौना बने हैं। उधर, दो महीने से बारिश भी नहीं हुई है। वहीं नलकूप ठप होने से किसान धान की फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इससे फसल सूखने की कगार पर पहुंच चुकी है। वहीं पानी के अभाव में लोग सरसों, आलू, मटर, मसूर आदि की बुआई भी नहीं कर पा रहे हैं। इसका किसानों में गुस्सा है।
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