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तरक्की के लिए वैज्ञानिक सोच जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Thu, 06 Aug 2015 11:24 PM IST
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देश की तरक्की के लिए वैज्ञानिक सोच पैदा करने की जरूरत है। वैज्ञानित चिंतन से ही विकास संभव है। यह बातें जिला विद्यालय निरीक्षक ने बृहस्पतिवार को महगांव इंटर कालेज में जिला स्तरीय इन्सपायर एवार्ड योजना के तहत विज्ञान प्रदर्शनी में कही। इसमें 52 स्कूलों के 104 बच्चों ने हिस्सा लिया। डीआईओएस ने मॉडलों का अवलोकन किया। इसमें उमदा मॉडल प्रस्तुत करने वाले 5 विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया।
चायल क्षेत्र के महगांव इंटर कालेज में आयोजित जिलास्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार श्रीवास्तव ने दीप जलाकर शुभारंभ किया। इसमें छात्र-छात्राओं ने बायोगैस, पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सोलरलाइट आदि मॉडल प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मौजूद खंड शिक्षाधिकारी रमेशचंद्र पटेल ने कहा इन्सपायर एवार्ड योजना से ग्रामीण बच्चों में वैज्ञानिक अभिरूचि बढ़ रही है। बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित होगी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. ओपी गुप्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ाना है। कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विज्ञान क्लब के जिला समन्वयक वसीम अहमद ने बताया कि इन्सपायर एवार्ड में विज्ञान एवं प्रद्योगिकी विभाग के द्वारा बच्चों को मॉडल बनाने के लिए विद्यालयों के माध्यम से 5 हजार रूपये की रकम दी जाती है। जिससे वे अच्छे मॉडल प्रस्तुत कर सकें। डीआईओएस ने विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन किया। बच्चों के उमदा मॉडल के प्रोजेक्ट देखकर डीआईओएस ने सराहना की। इस दौरान राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए जिला पंचायत इंटर कालेज की नेहाबानो, सुशीला देवी, दिलीप सिंह इंटर कालेज अभिषेक प्रजापति, एनडी कालेज अभिषेक अग्रहरि और धर्मा देवी इंटर कॉलेज केनकनवार का चयन किया गया है। निर्णायक मंडल में डॉ. ओपी गुप्ता, डॉ. एसके सिंह और बबली शामिल रहीं। कार्यक्रम का संचालन सभाशंकर पांडेय ने किया। इस मौके पर वरिष्ठ लिपिक मनीष कुमार श्रीवास्तव, सोमनाथ, अभिषेक कनौजिया, प्रीति सिंह, कृष्णचंद्र मिश्रा, रामकिरन त्रिपाठी, चंद्रभूषण पांडेय आदि मौजूद रहे।
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चायल क्षेत्र के महगांव इंटर कालेज में आयोजित जिलास्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार श्रीवास्तव ने दीप जलाकर शुभारंभ किया। इसमें छात्र-छात्राओं ने बायोगैस, पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सोलरलाइट आदि मॉडल प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मौजूद खंड शिक्षाधिकारी रमेशचंद्र पटेल ने कहा इन्सपायर एवार्ड योजना से ग्रामीण बच्चों में वैज्ञानिक अभिरूचि बढ़ रही है। बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित होगी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. ओपी गुप्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ाना है। कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विज्ञान क्लब के जिला समन्वयक वसीम अहमद ने बताया कि इन्सपायर एवार्ड में विज्ञान एवं प्रद्योगिकी विभाग के द्वारा बच्चों को मॉडल बनाने के लिए विद्यालयों के माध्यम से 5 हजार रूपये की रकम दी जाती है। जिससे वे अच्छे मॉडल प्रस्तुत कर सकें। डीआईओएस ने विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन किया। बच्चों के उमदा मॉडल के प्रोजेक्ट देखकर डीआईओएस ने सराहना की। इस दौरान राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए जिला पंचायत इंटर कालेज की नेहाबानो, सुशीला देवी, दिलीप सिंह इंटर कालेज अभिषेक प्रजापति, एनडी कालेज अभिषेक अग्रहरि और धर्मा देवी इंटर कॉलेज केनकनवार का चयन किया गया है। निर्णायक मंडल में डॉ. ओपी गुप्ता, डॉ. एसके सिंह और बबली शामिल रहीं। कार्यक्रम का संचालन सभाशंकर पांडेय ने किया। इस मौके पर वरिष्ठ लिपिक मनीष कुमार श्रीवास्तव, सोमनाथ, अभिषेक कनौजिया, प्रीति सिंह, कृष्णचंद्र मिश्रा, रामकिरन त्रिपाठी, चंद्रभूषण पांडेय आदि मौजूद रहे।
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