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हर माह दो करोड़ की बिजली चोरी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Wed, 19 Oct 2016 12:28 AM IST
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कौशांबी में हर महीने दो करोड़ की बिजली चोरी हो रही है। 40 मिलियन यूनिट हर माह खर्च हो रही है। इसमें से दस मिलियन यूनिट बिजली कटियामार व बड़े व्यापारी अवैध तरीके से इस्तेमाल कर ले रहे हैं। इससे छह करोड़ के हर माह खर्च में बिजली विभाग को दो करोड़ की चपत लग रही है। इससे परेशान विभाग ने अभियान भी चलाया, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा।
कौशांबी जिला नकल, योजनाओं के क्रियान्वयन में खेल के साथ बिजली चोरी में भी अव्वल निकला। दोआबा में हर महीने छह करोड़ रुपये की बिजली खपत होती है। विभाग के मुताबिक 40 मिलियन यूनिट का उपभोग किया जाता है। वहीं 10 मिलियन यूनिट बिजली की चोरी भी की जाती है। हर महीने बिजली विभाग को दो करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। राजस्व वसूली के दौरान विभाग ने अभियान चलाकर कार्रवाई करना शुरू किया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
कटियामारों के अलावा जिले के कामर्शियल उपभोक्ता अवैध तरीके से बिजली का इस्तेमाल कर विभाग को हर महीने करोड़ों का पलीता लगा रहा है। इसका पता चलते ही विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया, लेकिन उनकी दाल नहीं गल पा रही है। बिजली चोरी में सरकारी अमला भी पीछे नहीं है। जिसकी मिसाल महीने भर पहले कार्रवाई के दौरान देखी जा चुकी है।
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कौशांबी जिला नकल, योजनाओं के क्रियान्वयन में खेल के साथ बिजली चोरी में भी अव्वल निकला। दोआबा में हर महीने छह करोड़ रुपये की बिजली खपत होती है। विभाग के मुताबिक 40 मिलियन यूनिट का उपभोग किया जाता है। वहीं 10 मिलियन यूनिट बिजली की चोरी भी की जाती है। हर महीने बिजली विभाग को दो करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। राजस्व वसूली के दौरान विभाग ने अभियान चलाकर कार्रवाई करना शुरू किया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
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कटियामारों के अलावा जिले के कामर्शियल उपभोक्ता अवैध तरीके से बिजली का इस्तेमाल कर विभाग को हर महीने करोड़ों का पलीता लगा रहा है। इसका पता चलते ही विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया, लेकिन उनकी दाल नहीं गल पा रही है। बिजली चोरी में सरकारी अमला भी पीछे नहीं है। जिसकी मिसाल महीने भर पहले कार्रवाई के दौरान देखी जा चुकी है।
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