फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Kaushambi: Death of a young man who jumped from the roof to escape the attack of monkeys

कौशाम्बी : बंदरों के हमले से बचने के लिए युवक ने मकान के दूसरे मंजिल से लगाई छलांग, दर्दनाक मौत

Mon, 04 Apr 2022 10:34 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 04 Apr 2022 10:34 PM IST
सार

पनवरिया गांव निवासी रामबाबू (32) राजगीर का काम करता था। रामबाबू के बड़े भाई श्रीचंद्र ने बताया रविवार रात उसका भाई घर की दूसरी मंजिल पर सो रहा था। भोर करीब साढ़े चार बजे बंदरों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया।

विज्ञापन
Kaushambi: Death of a young man who jumped from the roof to escape the attack of monkeys
कौशाम्बी में बंदर के हमले में मृत युवक के रोते बिलखते परिजन। - फोटो : Kaushambi

विस्तार

बंदरों के आतंक से एक युवक की जान चली गयी। पनवरिया गांव में सोमवार भोर घर की दूसरी मंजिल पर सो रहे युवक पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। बंदरों के हमले से बचने के लिए युवक ने घर की दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी। इससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम है। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

विज्ञापन



पनवरिया गांव निवासी रामबाबू (32) राजगीर का काम करता था। रामबाबू के बड़े भाई श्रीचंद्र ने बताया रविवार रात उसका भाई घर की दूसरी मंजिल पर सो रहा था। भोर करीब साढ़े चार बजे बंदरों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। इस पर रामबाबू दूसरी मंजिल से कूद पड़ा। नीचे गिरने में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना से पीड़ित परिवार में चीखपुकार मच गयी। श्रीचंद्र की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

विज्ञापन

बंदरों के आतंक से परेशान हैं कई गांव के लोग


उल्लेखनीय है कि मंझनपुर, भरवारी, सिराथू, अजुहा, पइंसा, चरवा, भरसवां, सहित कई स्थानों पर बंदरों की संख्या बहुत ज्यादा है। मंझनपुर के जिला अस्पताल के करीब रहने वाले बंदर हिंसक है। यह बंदर आए दिन मरीज या फिर उनके तीमारदारों पर हमला भी कर देते हैं। इसके अलावा अस्पताल की कॉलोनी में रहने वाले लोग बंदरों के आतंक से खौफजदा रहते हैं।


इसके बाद भी सरकारी स्तर पर बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़े जाने का इंतजाम नहीं किया गया। खुद प्रभागीय वनाधिकारी आरसी यादव का कहना है कि आवारा मवेशियों की तर्ज पर बंदरों को पकड़ने के लिए भी बजट का आवंटन किया जाता है। इस बाबत कई बार शासन को पत्र लिखा गया है। बजट के अभाव में विभाग की तरफ से बंदरों को पकड़ने की व्यवस्था नहीं की जा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed