Kaushambi : चायल की चकबंदी लेखपाल का चित्रकूट के राजापुर में कत्ल, साथियों में भारी आक्रोश
तहसील के चकबंदी कार्यालय में तैनात महिला लेखपाल की पड़ोसी जनपद चित्रकूट के राजापुर इलाके में हत्या कर दी गई। शनिवार को वह ड्यूटी के बाद से अचानक लापता हो गई थी। बेटे ने पिपरी कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
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तहसील के चकबंदी कार्यालय में तैनात महिला लेखपाल की पड़ोसी जनपद चित्रकूट के राजापुर इलाके में हत्या कर दी गई। शनिवार को वह ड्यूटी के बाद से अचानक लापता हो गई थी। बेटे ने पिपरी कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। रविवार को राजापुर के छीबो में लेखपाल का सिर कूंचा शव मिला था। सोमवार को चित्रकूट जाकर मृतका के बेटे ने लाश की पहचान अपनी मां के रूप में की।
चित्रकूट जनपद के राजापुर रुपौलियां गांव निवासी किरन द्विवेदी (40) चायल तहसील में बतौर चकबंदी लेखपाल तैनात थीं। पांच साल पहले पति कृष्ण कुमार द्विवेदी की मौत के बाद तीन साल पहले मृतक आश्रित कोटे से पति की जगह उन्हें नौकरी मिली थी। पिछले डेढ़ साल से वह अपने बेटे शौर्यजीत और बेटी सुमन को लेकर प्रयागराज के राजरूपपुर इलाके में रहती थी। यहीं से वह चायल तहसील में ड्यूटी करने आती थी।
शनिवार को वह ड्यूटी के लिए तहसील आई थी। लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटीं तो बेटे शौर्यजीत ने मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट पिपरी थाने में दर्ज करा दी। दूसरी तरफ रविवार की सुबह चित्रकूट के राजापुर पुलिस को इलाके के ही छीबो गांव के बाहर तालाब किनारे एक 40 वर्षीय अज्ञात महिला का शव मिला। हत्यारों ने महिला की सिर कूच कर हत्या किया था।
मामले में पुलिस शव की शिनाख्त कराने में ही जुटी थी कि सोमवार की सुबह बेटे शौर्यजीत ने चित्रकूट के पोस्टमार्टमाटम हाउस पहुंचकर कपड़े और पहनावे के हिसाब से शव की पहचान अपनी मां किरन द्विवेदी के रूप में की। सहायक चकबंदी अधिकारी मनोज द्विवेदी ने बताया कि महिला लेखपाल पिछले तीन साल से मृतक आश्रित के रूप में अपने पति के स्थान पर कार्यरत थीं। उनके पति कृष्ण कुमार भी चकबंदी लेखपाल थे।
महिला लेखपाल की पिपरी कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज है। शव की पहचान होने के बाद अब उच्चाधिकारियों के आदेश पर हत्या का मुकदमा दर्ज आगे की कार्रवाई की जाएगी। -
श्रवण कुमार सिंह-इंस्पेक्टर, पिपरी
तहसील गेट से ही अगवा हुई थी महिला लेखपाल
चकबंदी दफ्तर में तैनात महिला लेखपाल किरन द्विवेदी के चित्रकूट के राजापुर इलाके में सिर कूची हुई लाश मिलने से साथी लेखपाल अक्रोशित हैं। साथी लेखपालों ने सोमवार को तहसील में प्रदर्शन कर सीओ और तहसीलदार चायल को ज्ञापन सौंपा। लेखपालों ने घटना का खुलासा कर हत्यारोपियों को जेल भेजने की मांग करते हुए हड़ताल भी शुरू कर दिया है।
चायल तहसील स्थिति चकबंदी कार्यालय द्वितीय में तैनात महिला लेखपाल किरन द्विवेदी मूलत: चित्रकूट के राजापुर इलाके के रुपौलिया गांव की रहने वाली थीं। वर्तमान में वह अपने बेटे शौर्य जीत और एक बेटी के साथ प्रयागराज के राजरूपपुर इलाके में रहकर ड्यूटी करती थीं। इस समय तहसील के बेनपुर कटैया गांव में उनको तैनात किया गया था। साथी लेखपालों ने बताया कि शनिवार को वह ड्यूटी आई थीं।
कुछ देर बाद अचानक किसी जरूरी काम होने की बात कह कर वह दफ़्तर से बाहर चली गईं। कुछ लोगों ने महिला लेखपाल को तहसील के बाहर लाल रंग की कार में बैठते हुए देखा था। शनिवार की देर रात तक जब वह अपने घर बच्चों के पास नहीं पहुंची तो बेटे ने पिपरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस गायब लेखपाल की छानबीन कर ही रही थी कि सोमवार की सुबह महिला लेखपाल के शव को चित्रकूट के राजापुर इलाके मे मिलने की जानकारी हुई।इसे लेकर साथी लेखपाल अक्रोशित हो गए।
लेखपालों ने आरोप लगाया की शनिवार की दोपहर ही महिला को तहसील गेट के बाहर अगवा कर लिया गया था। नाराज लेखपालों ने तहसील में प्रदर्शन करते हुए सीओ चायल श्यामकांत और तहसीलदार दीपिका सिंह को ज्ञापन सौंपा। लेखपालों ने बताया कि जब तक घटना का खुलासा कर हत्यारों को जेल नहीं भेजा जाता तब तक सभी लेखपाल हड़ताल पर रहेंगे। इस मौके पर गुरुकांत विश्वकर्मा, मनोज कुमार, अनूप सिंह, जितेंद्र मालवीय, शिवेस सिंह, उपेंद्र पटेल आदि लेखपाल मौजूद रहे।