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KAUSHAMBI : कब्र में सूरज या रमजान, गुत्थी में आया नया ट्विस्ट, पुलिस के सामने आकर खड़ा हो गया मृत आदमी

Fri, 22 Jul 2022 02:08 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशाम्बी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशाम्बी Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 22 Jul 2022 02:08 PM IST
सार

सैनी कोतवाली क्षेत्र के बिजलीपुर गांव में एक कब्र मे दफन लाश के सूरज या रमजान होने की कहानी मे ट्विस्ट आ गया है। बीती रात अचानक रमजान ने सैनी पुलिस के सामने आकार खुद के जीवित होने का सबूत दिया।

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KAUHAMBI: A new twist came in the sun or Ramadan kernel in the grave, the dead man stood in front of the polic
गुरुवार देर शाम को सैनी कोतवाली पहुंचे रमजान ने खुद के जिंदा होने का सबूत दिया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कौशांबी पुलिस और यहां के अधिकारी एक कब्र में दफन लाश के सूरज या रमजान होने के रहस्य को खोलने के लिए तमाम जतन कर चुके हैं। अंतिम विकल्प के रूप मे सूरज और रमजान के परिवार सहित लाश का डीएनए सैंपल तीन जुलाई को कराया गया। जिसकी डीएनए रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई।

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सैनी कोतवाली क्षेत्र के बिजलीपुर गांव में एक कब्र मे दफन लाश के सूरज या रमजान होने की कहानी मे ट्विस्ट आ गया है। बीती रात अचानक रमजान ने सैनी पुलिस के सामने आकार खुद के जीवित होने का सबूत दिया। पुलिस के सामने रमजान ने बताया कि बेरोजगारी के चलते मां-बाप उसे ताना दिया करते थे। जिससे नाराज़ होकर वह चार माह पहले घर छोड़ प्रयागराज चला गया। जहां रहकर वह मजदूरी करने लगा। कब्र में सूरज या रमजान गुत्थी में आया नया ट्विस्ट, पुलिस के सामने आकर खड़ा हो गया 
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रमजान के जीवित होने के बाद सैनी पुलिस की उस कार्रवाई पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है, जिसमे पुलिसकर्मियों ने बिना किसी ठोस आधार के फतेहपुर निवासी संतराज के बेटे सूरज की लाश को रमजान साबित कर बिजलीपुर के परिवार को सौप दिया।

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क्या है पूरा मामला?
दरअसल पिछले एक माह से कौशांबी पुलिस और यहां के अधिकारी एक कब्र में दफन लाश के सूरज या रमजान होने के रहस्य को खोलने के लिए तमाम जतन कर चुके हैं। अंतिम विकल्प के रूप मे सूरज और रमजान के परिवार सहित लाश का डीएनए सैंपल 3 जुलाई को कराया गया। जिसकी डीएनए रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई। पुलिस डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर ही रही थी कि सूरज-रमजान की कहानी मे नया मोड आ गया।


जिस बेटे को ट्रेन हादसे का शिकार बता बिजलीपुर के शब्बीर और उनकी पत्नी सफीकुलनिशा ने गांव की कब्र मे दफन कर दिया था। उनके सामने वह जीवित आ गया। मां सफीकुलनिशा और पिता शब्बीर के खुशी अब छिपाए नहीं छिप रही है। उनका कहना है कि पुलिस ने जिस लाश को दिखाया वह उनके बेटे जैसी दिखी इस कारण उन्होंने उसे रमजान की डेड बॉडी मान लिया, इसमे उनकी कोई गलती नहीं। बेटे को जीवित सामने देख अब शब्बीर और सफीकुलनिशा उसे अपने पास से एक पल के लिए भी ओझल नहीं होने दे रहे हैं।

क्या बोला रमजान
रमजान ने बताया घर मे बेरोजगार बैठ कर खाना खर्च उठा रहे मां पिता ने उसे ताने मारना शुरू कर दिया था। जिस बात से नाराज होकर वह बिना किसी को बताए प्रयागराज (इलाहाबाद) चला गया था। जहां वह 4 माह से मजदूरी कर अपना पेट पाल रहा था। बुधवार यानि 20 जुलाई को परिवार के एक रिस्तेदार उसे प्रयागराज के चौफटका इलाक़े मे मिल गए और उन्होने उसे देख पूरी कहानी बताई। जिसे सुन उसे डर और दहसत से पसीना आ गया।


उसने मां सफीकुलनिशा को फोन कर हकीकत जानी। जिसके बाद वह खुद के जीवित होने का सबूत देने सैनी कोतवाली पुलिस के पास गुरुवार की देर शाम पहुंचा। पुलिस ने पूंछ-तांछ कर उसे मां बाप के पास रहने की अनुमति दे दी है।


सीओ डॉ. केजी सिंह ने बताया, रमजान नाम का युवक सैनी पुलिस के सामने पेश हुआ था। जिससे पूंछ-तांछ की गई है। प्रकरण मे जांच जारी है। रमजान के जीवित होने के जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। निर्देश के क्रम मे अग्रिम कार्रवाही की जाएगी।

दूसरी तरफ फतेहपुर निवासी अध्यापक संतराज आज भी अपने बेटे सूरज की तलाश में हैं। बेटे की तलाश करते हुए उन्होने 28 जून को जिलाधिकारी कौशांबी सुजीत कुमार को शिकायत कर बिजली गांव में दफन लाश को खुद के बेटे सूरज होने का दावा किया था। संतराज के मुताबिक उनके बेटे सूरज ने 11 जून को घर से नाराज होकर सैनी कोतवाली के बनपुकारा गांव के समीप दिल्ली हावड़ा ट्रेन लाइन पर खुदकुशी कर ली थी। जिसकी लाश को बिजली गांव निवासी शब्बीर के परिवार ने अपना बेटा रमजान बता उसे कब्र मे दफन कर दिया। संतराज ने अफसरों से गुहार लगाई कि रमजान के जीवित मिलने के बाद अब उनके बेटे की लाश कब्र से निकाल उन्हें सौप दी जाय, ताकि वह अपने बेटे का अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज से कर सकें।

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