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इंसाफ : 27 साल पुराने मारपीट के मामले में दोषी को एक साल की सजा
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मारपीट के एक मुकदमे में 27 साल बाद एक आरोपी को दोषी मानते हुए कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई। मामले में एक आरोपी की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि दूसरा नाबालिग होने के कारण मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है। फिलहाल, इस मामले में दोषी को सजा होने के बाद भी जेल नहीं भेजा गया। अदालत ने उसे अपील दाखिल करने तक जमानत पर रिहा कर दिया।
अभियोजन के मुताबिक 11 मार्च 1995 को सुबह छात्र प्रदीप कुमार भरवारी कस्बे में किताब खरीदने के लिए कुंवर रस्तोगी की दुकान पर गया था। वहीं कुछ कहासुनी के दौरान प्रदीप को कुंवर रस्तोगी, संजय केसरवानी व बृजेश रस्तोगी ने पीट दिया।
चाकू से भी उस पर हमला किया गया। उसी दिन घटना की रिपोर्ट कोखराज कोतवाली में दर्ज कराई गई। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट अदालत में दाखिल की। मुकदमा अपर जिला जज शिवानंद सिंह की अदालत में विचाराधीन था। इस मामले में शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्ध कुमार मिश्रा ने आठ लोगों की गवाही कराई। इस दौरान मालूम चला कि मुकदमे में आरोपी कुंवर रस्तोगी की मौत हो चुकी है। वहीं घटना के वक्त बृजेश रस्तोगी के नाबालिग होने की दशा में मुकदमा किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
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एडीजे कोर्ट ने गवाहों को सुनने व पत्रावली के अवलोकन के बाद संजय केसरवानी को दोषी माना। बृहस्पतिवार को अदालत ने संजय केसरवानी को दोषी करार देते हुए एक साल की सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार का अर्थदंड लगाया। इसमें से 15 हजार पीड़ित को दिए जाएंगे। अदालत ने आरोपी को हाईकोर्ट में अपील दाखिल करने तक जमानत दे दी है।
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अभियोजन के मुताबिक 11 मार्च 1995 को सुबह छात्र प्रदीप कुमार भरवारी कस्बे में किताब खरीदने के लिए कुंवर रस्तोगी की दुकान पर गया था। वहीं कुछ कहासुनी के दौरान प्रदीप को कुंवर रस्तोगी, संजय केसरवानी व बृजेश रस्तोगी ने पीट दिया।
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चाकू से भी उस पर हमला किया गया। उसी दिन घटना की रिपोर्ट कोखराज कोतवाली में दर्ज कराई गई। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट अदालत में दाखिल की। मुकदमा अपर जिला जज शिवानंद सिंह की अदालत में विचाराधीन था। इस मामले में शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्ध कुमार मिश्रा ने आठ लोगों की गवाही कराई। इस दौरान मालूम चला कि मुकदमे में आरोपी कुंवर रस्तोगी की मौत हो चुकी है। वहीं घटना के वक्त बृजेश रस्तोगी के नाबालिग होने की दशा में मुकदमा किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
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एडीजे कोर्ट ने गवाहों को सुनने व पत्रावली के अवलोकन के बाद संजय केसरवानी को दोषी माना। बृहस्पतिवार को अदालत ने संजय केसरवानी को दोषी करार देते हुए एक साल की सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार का अर्थदंड लगाया। इसमें से 15 हजार पीड़ित को दिए जाएंगे। अदालत ने आरोपी को हाईकोर्ट में अपील दाखिल करने तक जमानत दे दी है।