फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Jal Jeevan Mission... Pipeline laid and tank built, now waiting for water to arrive

Kaushambi News: जल जीवन मिशन... पाइपलाइन बिछी और टंकी बनी, अब पानी आने का इंतजार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2026 12:28 AM IST
विज्ञापन
Jal Jeevan Mission... Pipeline laid and tank built, now waiting for water to arrive
हर घर नल से जल पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना अधर में अटक गई है। जिले के आठ ब्लॉक की 451 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2019 में शुरू हुई योजना के तहत 2024 तक सभी घरों को नल से जल पहुंचाना था। लेकिन, बजट के अभाव में कई जगहों पर काम रुक गया। वहीं, 210 ग्राम पंचायतों में 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। प्रशासन उसे जल्द से जल्द निपटाने पर जोर दे रहा है।
विज्ञापन

जिले में जल जीवन मिशन के तहत पानी मिलने की आस थी लेकिन अब यह इंतजार वर्ष 2028 तक बढ़ गया है। क्योंकि शासन ने योजना की मियाद बढ़ाकर वर्ष 2028 कर दी है। वहीं, ग्रामीणों का दावा है कि योजना के शुरू होने के साथ ही गांवों में नए हैंडपंप लगाने पर रोक लगा दी गई। जिस वजह से गर्मी में पेयजल संकट गहरा गया है।
विज्ञापन

15 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री ने जल जीवन मिशन योजना की घोषणा की थी। इस योजना में जिले की सभी ग्राम पंचायतों को शामिल करते हुए कार्य योजना तैयार की गई। योजना के तहत नल से घर-घर जल पहुंचाना था। 2024 तक काम पूरा होना था लेकिन तय समय पर काम पूरा नहीं हो सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

योजना में हर ग्रामीण को रोजाना 55 लीटर शुद्ध जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन कई गांवों में टंकियां अधूरी हैं। कई जगहों पर पानी की पाइपलाइन नहीं बिछाई गई। ऐसे में ग्रामीणों को पुराने संसाधनों पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है।
चांदेराई गांव के रामलाल ने कहा कि योजना के तहत पानी मिलने की आस थी लेकिन वह भी पूरी होती नहीं दिख रही है। गीता देवी ने कहा कि योजना के तहत घरों तक पानी पहुंचाने की बात कही गई थी लेकिन आज भी हमें दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि योजना लागू होने के बाद ग्राम पंचायतों के बोरिंग कराने के अधिकार को सीमित कर दिया गया। अब पंचायत केवल रीबोर और मरम्मत तक सीमित है। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि सेलरहा पूरब और पश्चिम, नारा, थांभा में आंशिक रूप से पानी की सप्लाई की जा रही है। लेकिन, अधिकांश गांव में काम अधूरे ही पड़े हैं।
वर्जन
-----
-- तीन साल पहले रास्तों को खोदकर पाइप लाइन बिछा दी गई है। पानी की आपूर्ति के लिए पड़ोसी गांव बिगहरा उस्मानपुर गांव में टंकी का निर्माण किया गया है। टंकी बने हुए भी साल भर हो चुके है लेकिन आज तक एक बूंद पानी नहीं मिला।- राजू मिश्रा, जवई।
----
- पानी टंकी बने आठ महीने हो चुके हैं। तब से लेकर आज तक मुश्किल से चार या पांच बार ही घंटा दो घंटा पानी आया होगा। बाकी सिर्फ शोपीस के लिए घरों के बाहर नल लगाया गया है। गर्मी में पानी की बढ़ जाती है। इस ओर ध्यान देने की जरुरत है। - मनोज कुमार, पिपरहटा।
----
-- जल जीवन मिशन योजना के शुरू होने के साथ ही ग्राम पंचायतों के नए हैंडपंप लगाने पर रोक लगा दी गई। अब ग्राम पंचायत केवल रीबोर व हैंडपंप मरम्मत के कार्य ही करा सकती हैं। - अनिल कुमार सिंह, डीपीआरओ।

-----
-- जल जीवन मिशन योजना के तहत 210 गांवों में 80 फीसदी कार्य हुए हैं। इन गांवों में और तेजी से कार्य कराए जा रहे हैं। पहले चरण में यहां काम पूरा कराया गया है। इन गांव में आंशिक रूप से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। - जैपाल सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed