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कंप्यूटर ट्रेनिंग देने के नाम पर छात्रों से सात लाख की ठगी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:38 AM IST
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मंझनपुर। मुख्यालय में कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर खोलने के बाद प्रशिक्षण और प्रमाण पत्र देने के नाम पर शातिरों ने करीब 40 छात्रों से लगभग सात लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित छात्रों ने शुक्रवार को एसपी से शिकायत करके कार्रवाई की मांग की है।
पश्चिमशरीरा कोतवाली क्षेत्र के डकशरीरा निवासी धर्मेंद्र कुमार पुत्र लल्लू मौर्य ने बताया कि जनवरी 2018 में मंझनपुर में कानपुर के एक शतिर ने कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर खोला था। इसके साथ करारी इलाके के लहना और थांभा गांव के एक-एक युवक भी थे। इन शातिरों ने धर्मेंद्र के साथ उसके साथी कौशलेंद्र, नीतू, प्रहलाद, सना, सोहन, राहुल व सूरज सहित करीब 40 लड़के और लड़कियों से प्रशिक्षण व प्रमाण देने देने के नाम पर पर छात्र 16500 रुपये जमा कराए।
इसके बाद जनवरी में ही सेंटर बंद करके फरार हो गए। कानपुर के शातिर का कोई सुराग नहीं लग रहा है। करारी इलाके में रहने वाले दोनों आरोपी अभी तक फीस लौटाने के लिए आजकल कर रहे थे। आरोप है कि अब रकम मांगने पर जान से मारने की धमकी देते हैं। छात्रों के मुताबिक उन्हें दस महीने में प्रशिक्षित करके प्रमाण पत्र देने की बात कही गई थी। 18 महीना बीतने के बाद भी अब तक एक भी दिन प्रशिक्षण तक नहीं दिया जा सका है। पीड़ित छात्रों के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए एसपी प्रदीप गुप्ता ने नगर कोतवाल को रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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पश्चिमशरीरा कोतवाली क्षेत्र के डकशरीरा निवासी धर्मेंद्र कुमार पुत्र लल्लू मौर्य ने बताया कि जनवरी 2018 में मंझनपुर में कानपुर के एक शतिर ने कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर खोला था। इसके साथ करारी इलाके के लहना और थांभा गांव के एक-एक युवक भी थे। इन शातिरों ने धर्मेंद्र के साथ उसके साथी कौशलेंद्र, नीतू, प्रहलाद, सना, सोहन, राहुल व सूरज सहित करीब 40 लड़के और लड़कियों से प्रशिक्षण व प्रमाण देने देने के नाम पर पर छात्र 16500 रुपये जमा कराए।
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इसके बाद जनवरी में ही सेंटर बंद करके फरार हो गए। कानपुर के शातिर का कोई सुराग नहीं लग रहा है। करारी इलाके में रहने वाले दोनों आरोपी अभी तक फीस लौटाने के लिए आजकल कर रहे थे। आरोप है कि अब रकम मांगने पर जान से मारने की धमकी देते हैं। छात्रों के मुताबिक उन्हें दस महीने में प्रशिक्षित करके प्रमाण पत्र देने की बात कही गई थी। 18 महीना बीतने के बाद भी अब तक एक भी दिन प्रशिक्षण तक नहीं दिया जा सका है। पीड़ित छात्रों के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए एसपी प्रदीप गुप्ता ने नगर कोतवाल को रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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