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द्वाबा में शीतलहर, गलन का कहर
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Fri, 16 Jan 2015 12:14 AM IST
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मंझनपुर। द्वाबा में शीतलहर, गलन का कहर थम नहीं रहा है। 10 दिनों से जारी हांड कंपा देने वाली ठंड बृहस्पतिवार को भी बनी रही। आठ दिनों से धूप नहीं निकलने और दिनभर कोहरे की चादर तनी रहने से जनजीवन प्रभावित है। वहीं तेज बर्फीली हवाओं के कारण भीषण ठंड से मौत का सिलसिला भी जारी है। बृहस्पतिवार की सुबह भी ठंड की चपेट में आने से मंझनपुर तहसील के ऊनौ गांव की एक वृद्धा की मौत हो गई।
पहाड़ों में हुई बर्फवारी से कौशाम्बी में इस साल कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पश्चिम की ओर से आ रही इन्हीं तेज बर्फीली हवाओं के कारण ऐसी गलन है, जिससे रजाई-कंबल के भीतर भी लोगों के हाथ-पैर सुन्न बने हुए हैं। साथ ही गलन के कारण दिन और रात का तापमान भी खतरनाक बना हुआ है। महगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विभाग के मुताबिक बृहस्पतिवार को दिन का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि रात में पारा सात डिग्री के आसपास था। मौसम का यह रूप जानलेवा बना है।
ठंड से जिले में लगातार मौतें भी हो रही है। बृहस्पतिवार की सुबह ही मंझनपुर तहसील क्षेत्र के ऊनौ गांव की रहने वाली रामकन्या (65) की ठंड लगने से मौत हो गई। घरवालों के मुताबिक सुबह करीब सात बजे वह खेत की ओर गई थी। लौटने पर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसकी हालत खराब होते देख परिजन स्थानीय एक चिकित्सक के पास लेकर गए। पर, उसे बचाया नहीं जा सका। परिजनों के मुताबिक खेत से लौटते समय ठंड की चपेट में आने से ही महिला की जान गई है। बता दें कि महीनेभर से पड़ रही भीषण ठंड ने अब तक जिले के 50 से अधिक लोगों को मौत की नींद सुलाया है। उधर, शीतलहर के साथ कौशाम्बी में आठ दिनों से धूप नहीं निकली है। दिनभर घने कोहरे की धुंध से जनजीवन प्रभावित है। सड़क पर वाहन रेंगने को मजबूर हैं। वहीं भरवारी और सिराथू स्टेशनों पर रूकने वाले ट्रेनें भी कई-कई घंटे देरी से आ रही है। इससे कड़ाके की इस ठंड में लोगों को ठिठुरना पड़ रहा है।
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पहाड़ों में हुई बर्फवारी से कौशाम्बी में इस साल कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पश्चिम की ओर से आ रही इन्हीं तेज बर्फीली हवाओं के कारण ऐसी गलन है, जिससे रजाई-कंबल के भीतर भी लोगों के हाथ-पैर सुन्न बने हुए हैं। साथ ही गलन के कारण दिन और रात का तापमान भी खतरनाक बना हुआ है। महगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विभाग के मुताबिक बृहस्पतिवार को दिन का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि रात में पारा सात डिग्री के आसपास था। मौसम का यह रूप जानलेवा बना है।
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ठंड से जिले में लगातार मौतें भी हो रही है। बृहस्पतिवार की सुबह ही मंझनपुर तहसील क्षेत्र के ऊनौ गांव की रहने वाली रामकन्या (65) की ठंड लगने से मौत हो गई। घरवालों के मुताबिक सुबह करीब सात बजे वह खेत की ओर गई थी। लौटने पर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसकी हालत खराब होते देख परिजन स्थानीय एक चिकित्सक के पास लेकर गए। पर, उसे बचाया नहीं जा सका। परिजनों के मुताबिक खेत से लौटते समय ठंड की चपेट में आने से ही महिला की जान गई है। बता दें कि महीनेभर से पड़ रही भीषण ठंड ने अब तक जिले के 50 से अधिक लोगों को मौत की नींद सुलाया है। उधर, शीतलहर के साथ कौशाम्बी में आठ दिनों से धूप नहीं निकली है। दिनभर घने कोहरे की धुंध से जनजीवन प्रभावित है। सड़क पर वाहन रेंगने को मजबूर हैं। वहीं भरवारी और सिराथू स्टेशनों पर रूकने वाले ट्रेनें भी कई-कई घंटे देरी से आ रही है। इससे कड़ाके की इस ठंड में लोगों को ठिठुरना पड़ रहा है।
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