कौशांबी : मुझे जिंदा नहीं रहना है, पापा प्लीज, दादी के पास जाने दो, इंटर की छात्रा ने ब्लेड से खुद का गला रेता
पापा, प्लीज मुझे जिंदा नहीं रहना है। मुझे दादी (दिवंगत) के पास जाना है। यह कहना था अजुहा कस्बे की रहने वाली कृति का। अवसाद में आकर उसने बृहस्पतिवार सुबह घर से कुछ दूरी पर जाकर गले को ब्लेड से रेत दिया।
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पापा, प्लीज मुझे जिंदा नहीं रहना है। मुझे दादी (दिवंगत) के पास जाना है। यह कहना था अजुहा कस्बे की रहने वाली कृति का। अवसाद में आकर उसने बृहस्पतिवार सुबह घर से कुछ दूरी पर जाकर गले को ब्लेड से रेत दिया। कृति की हालत नाजुक देख परिवार के लोग उसे इलाज के लिए कानपुर के अस्पताल ले गए हैं।
सैनी कोतवाली के अजुहा कस्बे के सोनारन का पुरवा निवासी कृपेश कुमार पंडा बितास खाने की दुकान चलाते हैं। कृपेश के मुताबिक उनकी इकलौती बेटी कृति (18) कस्बे के एक कॉलेज में 11 वीं की छात्रा है। बृहस्पतिवार भोर वह शौच के लिए गए थे। घर में उनकी पत्नी सो रही थी। इस दौरान कृति उठी और नवीन मंडी अजुहा के समीप पहुंच गई। यहीं पर उसने ब्लेड से गला रेत लिया।
सुबह सैर के लिए निकले स्थानीय लोगों ने कृति को खून से लथपथ देखा तो कृपेश को खबर दी। मौके पर पहुंचे कृपेश उसे इलाज के लिए स्थानीय निजी अस्पताल ले गए। यहां चिकित्सकों ने उसकी हालत नाजुक देख रेफर कर दिया। बाद में परिवार के लोग उसे इलाज के लिए फतेहपुर ले गए वहां के बाद कानपुर के हैलट अस्पताल में कृति को भर्ती कराया गया है।
कृति के पिता का कहना है बेटी रास्ते में बोल रही थी कि पापा प्लीज, उसे दादी के पास जाना है। कृपेश के मुताबिक कुछ दिन पहले उनकी मां का देहांत हुआ है। बेटी अपनी दादी को बेहद प्यार करती थी। इसी तनाव में उसने आत्मघाती कदम उठाया। फिलहाल मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी गई है।