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Kaushambi News: ....मैंने नहीं चुराई कलक्ट्रेट से कोई फाइल, साजिश के तहत फंसा रहे अफसर
Mon, 19 Aug 2024 04:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 19 Aug 2024 04:49 AM IST
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कलक्ट्रेट से स्वास्थ्य विभाग की फाइल चोरी के मामले में आरोपी बनाए गए सीएमओ ऑफिस के संविदाकर्मी ने बड़ा खुलासा किया है। संविदाकर्मी का कहना है कि उसने कोई फाइल चुराई ही नहीं। आरोप लगाया कि अफसर इस मामले में उसे साजिश के तहत फंसा रहे हैं।
डिप्टी सीएमओ डॉ. राहुल सिंह ने शुक्रवार को सीएमओ ऑफिस में संविदा पर तैनात डाटा इंट्री ऑपरेटर महेंद्र द्विवेदी के खिलाफ कलक्ट्रेट से विभाग की फाइल चुराने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। रविवार को संविदाकर्मी ने अमर उजाला से संपर्क कर अपनी बात रखी। उसने बताया कि घटना वाले दिन राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस पर 10 अगस्त को वह कलक्ट्रेट गया था। डिप्टी सीएमओ डॉ. सुनील सिंह अपने साथ जिला स्वास्थ्य समिति से जुड़ी फाइल लेकर आए थे।
महेंद्र का कहना है कि कलक्ट्रेट में उन्होंने स्वास्थ्य समिति से जुड़ी फाइल दी और डीएम कार्यालय पहुंचाने के लिए कहा। फाइल लेकर जब डीएम दफ्तर पहुंचा तो वहां पर डीएम के स्टेनो अरविंद कुमार श्रीवास्तव नहीं मिले। इस पर वह फाइल लेकर बाहर आ गया। तब तक डीएम कक्ष से विभागीय अफसरों ने फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के लिए बुला लिया। तब वह सीएमओ ऑफिस में तैनात माली सुमेर सिंह को फाइल देकर वह अंदर चला गया।
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महेंद्र ने बताया कि वहां से लौटने के बाद फाइल सुमेर से लेकर डिप्टी सीएमओ डॉ. सुनील सिंह को दे दी। संविदाकर्मी का कहना है कि इस फाइल के अलावा वह अन्य किसी फाइल के बारे में नहीं जानता और न ही उसने कोई फाइल चुराई है। उसे अफसरों द्वारा एक साजिश के तहत फाइल चोरी के फर्जी आरोप में फंसाया जा रहा है।
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न कोई पूछताछ, न सवाल-जवाब, सीधे एफआईआर
संविदाकर्मी का कहना है कि 10 अगस्त की घटना बताई जा रही और एफआईआर सात दिन बाद हुई। इस बीच विभाग के किसी भी अफसर ने उससे इस फाइल के संबंध में एक भी बार सवाल-जवाब नहीं किया। सिर्फ सीधे एफआईआर दर्ज करा दी। उसे तो मामले की जानकारी रविवार को अखबारों में खबर छपने के बाद हुई।
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फाइल पटल या योजना की...तहरीर में नहीं जिक्र
खास बात यह है कि डिप्टी सीएमओ ने एफआईआर तो लिखा दी, लेकिन यह फाइल स्वास्थ्य विभाग के किस पटल और किस योजना से जुड़ी थी, इसका कहीं तहरीर में जिक्र नहीं किया। विभागीय सूत्रों का कहना है कि उच्चाधिकारियों ने पहले दो अन्य डिप्टी सीएमओ से यह केस दर्ज कराने के लिए कहा था। लेकिन, उन्होंने इन्कार कर दिया। तब डिप्टी सीएमओ डॉ. राहुल से कहा गया तो उन्होंने मुकदमा दर्ज करा दिया।
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संविदा कर्मी महेंद्र द्विवेदी को जिला स्वास्थ्य समिति की फाइल जिलाधिकारी कार्यालय में देने के लिए दी थी। वहां जिलाधिकारी के स्टेनो नहीं मिले। इस पर उसने फोन पर बात करके फाइल वहीं रखने के लिए कहा था। इसके बाद दोबारा फाइल मुझे नहीं मिली।
डॉ. सुनील सिंह
डिप्टी सीएमओ
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डिप्टी सीएमओ डॉ. राहुल सिंह ने शुक्रवार को सीएमओ ऑफिस में संविदा पर तैनात डाटा इंट्री ऑपरेटर महेंद्र द्विवेदी के खिलाफ कलक्ट्रेट से विभाग की फाइल चुराने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। रविवार को संविदाकर्मी ने अमर उजाला से संपर्क कर अपनी बात रखी। उसने बताया कि घटना वाले दिन राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस पर 10 अगस्त को वह कलक्ट्रेट गया था। डिप्टी सीएमओ डॉ. सुनील सिंह अपने साथ जिला स्वास्थ्य समिति से जुड़ी फाइल लेकर आए थे।
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महेंद्र का कहना है कि कलक्ट्रेट में उन्होंने स्वास्थ्य समिति से जुड़ी फाइल दी और डीएम कार्यालय पहुंचाने के लिए कहा। फाइल लेकर जब डीएम दफ्तर पहुंचा तो वहां पर डीएम के स्टेनो अरविंद कुमार श्रीवास्तव नहीं मिले। इस पर वह फाइल लेकर बाहर आ गया। तब तक डीएम कक्ष से विभागीय अफसरों ने फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के लिए बुला लिया। तब वह सीएमओ ऑफिस में तैनात माली सुमेर सिंह को फाइल देकर वह अंदर चला गया।
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महेंद्र ने बताया कि वहां से लौटने के बाद फाइल सुमेर से लेकर डिप्टी सीएमओ डॉ. सुनील सिंह को दे दी। संविदाकर्मी का कहना है कि इस फाइल के अलावा वह अन्य किसी फाइल के बारे में नहीं जानता और न ही उसने कोई फाइल चुराई है। उसे अफसरों द्वारा एक साजिश के तहत फाइल चोरी के फर्जी आरोप में फंसाया जा रहा है।
न कोई पूछताछ, न सवाल-जवाब, सीधे एफआईआर
संविदाकर्मी का कहना है कि 10 अगस्त की घटना बताई जा रही और एफआईआर सात दिन बाद हुई। इस बीच विभाग के किसी भी अफसर ने उससे इस फाइल के संबंध में एक भी बार सवाल-जवाब नहीं किया। सिर्फ सीधे एफआईआर दर्ज करा दी। उसे तो मामले की जानकारी रविवार को अखबारों में खबर छपने के बाद हुई।
फाइल पटल या योजना की...तहरीर में नहीं जिक्र
खास बात यह है कि डिप्टी सीएमओ ने एफआईआर तो लिखा दी, लेकिन यह फाइल स्वास्थ्य विभाग के किस पटल और किस योजना से जुड़ी थी, इसका कहीं तहरीर में जिक्र नहीं किया। विभागीय सूत्रों का कहना है कि उच्चाधिकारियों ने पहले दो अन्य डिप्टी सीएमओ से यह केस दर्ज कराने के लिए कहा था। लेकिन, उन्होंने इन्कार कर दिया। तब डिप्टी सीएमओ डॉ. राहुल से कहा गया तो उन्होंने मुकदमा दर्ज करा दिया।
संविदा कर्मी महेंद्र द्विवेदी को जिला स्वास्थ्य समिति की फाइल जिलाधिकारी कार्यालय में देने के लिए दी थी। वहां जिलाधिकारी के स्टेनो नहीं मिले। इस पर उसने फोन पर बात करके फाइल वहीं रखने के लिए कहा था। इसके बाद दोबारा फाइल मुझे नहीं मिली।
डॉ. सुनील सिंह
डिप्टी सीएमओ