{"_id":"a5ad1acbdf657f42b397ee2227c1d5db","slug":"horoscope-dead-officer-sitting-on-nrega-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनरेगा की रकम पर कुंडली मारकर बैठे हैं अफसर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनरेगा की रकम पर कुंडली मारकर बैठे हैं अफसर
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Sat, 16 May 2015 12:39 AM IST
विज्ञापन
मंझनपुर। गांवाें में विकास के लिए खर्च की जाने वाली मनरेगा की रकम पर अफसर कुंडली मारकर बैठे हैं। मंझनपुर समेत पांच ब्लाकों में अप्रैल और मई में अब तक इन ब्लाकों में विकास कार्यों पर सिर्फ 26.7 फीसदी रकम ही खर्च की जा सकी है। शुक्रवार को समीक्षा बैठक में इस लापरवाही का खुलासा हुआ। सीडीओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। चेताया कि जून महीने में मनरेगा की डंप रकम से विकास कार्य हो जाने चाहिए। इसमें लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मनरेगा योजना के तहत विकास कार्य के लिए सालाना ग्राम पंचायतों में भारी भरकम धनराशि खर्च की जाती है। डीएम और सीडीओ ने अधीनस्थों को इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी दे रखे हैं। इसके बावजूद ब्लाकों के अधिकारी लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं। मंझनपुर, चायल, कड़ा, सरसवां और मूरतगंज ब्लाक मेें तो मनरेगा की धनराशि डंप होने के बाद भी काम नहीं करवाया जा रहा है। इन पांचों ब्लाकों में माह अप्रैल और मई में अभी तक सिर्फ 12.88 करोड़ रुपए ही खर्च किए जा सके हैं जबकि लक्ष्य 48 करोड़ 71 लाख 70 हजार रुपए खर्च करने का था। रकम डंप पड़ी रहने से स्पष्ट है कि विकास कार्य नहीं हुए।
लापरवाही को लेकर सीडीओ भोलानाथ मिश्र ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने बताया कि सभी ब्लाकों के खंड विकास अधिकारियों को अगले माह तक का समय दिया गया है। इसके बाद भी हालत नहीं सुधरे तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ की इस सख्ती को लेकर खंड विकास अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मनरेगा योजना के तहत विकास कार्य के लिए सालाना ग्राम पंचायतों में भारी भरकम धनराशि खर्च की जाती है। डीएम और सीडीओ ने अधीनस्थों को इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी दे रखे हैं। इसके बावजूद ब्लाकों के अधिकारी लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं। मंझनपुर, चायल, कड़ा, सरसवां और मूरतगंज ब्लाक मेें तो मनरेगा की धनराशि डंप होने के बाद भी काम नहीं करवाया जा रहा है। इन पांचों ब्लाकों में माह अप्रैल और मई में अभी तक सिर्फ 12.88 करोड़ रुपए ही खर्च किए जा सके हैं जबकि लक्ष्य 48 करोड़ 71 लाख 70 हजार रुपए खर्च करने का था। रकम डंप पड़ी रहने से स्पष्ट है कि विकास कार्य नहीं हुए।
विज्ञापन
लापरवाही को लेकर सीडीओ भोलानाथ मिश्र ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने बताया कि सभी ब्लाकों के खंड विकास अधिकारियों को अगले माह तक का समय दिया गया है। इसके बाद भी हालत नहीं सुधरे तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ की इस सख्ती को लेकर खंड विकास अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं।
विज्ञापन