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हिस्ट्रीशीटर ने बेटे की गोली मारकर की हत्या

Tue, 10 May 2022 08:33 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 10 May 2022 08:33 PM IST
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History sheeter shot and killed his son
History sheeter shot and killed his son - फोटो : KAUSHAMBI
पिपरी कोतवाली के फतेहपुर सहावपुर गांव में मंगलवार की दोपहर हिस्ट्रीशीटर ने अपने बेटे को गोली मार दी। घटना में गंभीर रूप से जख्मी युवक को प्रयागराज ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग निकला। मामले में मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना के पीछे मोबाइल फोन को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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फतेहपुर सहावपुर गांव निवासी शिव नारायण सिंह 80 के दशक तक सक्रिय अपराधी थी। पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोली है। इन दिनों शिव नारायण किसानी करता था। दो दिन पहले उसकी बेटी की संदिग्ध हाल में मौत हो गई थी। बेटी के मोबाइल फोन को लेकर सोमवार शाम शिव नारायण का बेटे बृजेश सिंह (30) से विवाद हुआ था। इसके बाद परिवार के लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया। मंगलवार सुबह भी पिता-पुत्र के बीच उसी मोबाइल को लेकर झगड़ा होने लगा। इससे नाराज शिव नारायण ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से बेटे को गोली मार दी। गोली सीने के पास लगने से बृजेश खून से लथपथ होकर तड़पने लगा।
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घटना के बाद आरोपी शिव नारायण मौके से भाग निकला। आननफानन परिवार के लोग बृजेश को प्रयागराज के अस्पताल ले गए। दोपहर में इलाज के दौरान बृजेश ने दम तोड़ दिया। घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम है। मामले में मृतक की पत्नी किरन देवी की तहरीर पर पुलिस ने शिन नारायण के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। शव पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। देर शाम शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सीओ चायल श्यामकांत का कहना है मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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1986 में अंतिम दफा शिव नारायण पर दर्ज हुआ था केस
बेटे का हत्यारा शिव नारायण सिंह का किसी जमाने में अपराध की दुनिया में डंका बजता था। पिपरी, चरवा, पूरामुफ्ती व सरायअकिल कोतवाली में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। इसी वजह से पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोली है। एसपी हेमराज मीणा ने बताया अंतिम दफा वर्ष 1986 में शिव नारायण सिंह के खिलाफ एक केस दर्ज हुआ था। इसके बाद वह खेतीबाड़ी करने लगा।
हिस्ट्रीशीटर के पास कैसे थी लाइसेंसी बंदूक, उलझन में पुलिस
बेटे के खून से हाथ लाल करने वाले हिस्ट्रीशीटर शिव नारायण सिंह के पास कैसे लाइसेंसी बंदूक थी? इसे लेकर पुलिस की उलझन बढ़ गई है। दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने वर्ष 2005 में उसकी बंदूक का लाइसेंस निरस्त कराया था, लेकिन वह शस्त्र कैसे बहाल हुआ? इसकी जांच शुरू करा दी गई है।
फतेहपुर सहाबपुर निवासी शिव नारायण सिंह का अच्छा खासा आपराधिक इतिहास था। शिव नारायण सिंह के खिलाफ अंतिम बार 1986 में मुकदमा लिखा गया था। इससे पहले उसने शस्त्र लाइसेंस हासिल कर उसने दोनाली बंदूक खरीद ली थी। पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोलकर निगरानी शुरू की। इस दौरान पता चला कि शिव नारायण सिंह ने बंदूक का लाइसेंस ली है। एसपी हेमराज मीणा के मुताबिक शस्त्र लाइसेंस की जानकारी होने पर पुलिस ने वर्ष 2005 में उसके लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेजी। शिव नारायण सिंह का लाइसेंस भी निरस्त हुआ। इसके बाद किन परिस्थितियों में वर्ष 2012 में उसका लाइसेंस बहाल हुआ? यह गंभीर विषय है। मामले की जांच कराई जा रही है।

चौबीस घंटे के भीतर एक घर से उठी दो अर्थियां, कोहराम
फतेहपुर साहवपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर शिव नारायण सिंह की माली हालत ठीक नहीं है। माह भर पहले शिवनारायण का छोटा बेटा राहुल सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। इससे वह अधिक परेशान रहता था। सोमवार सुबह बेटी सरिता (20) की संदिग्ध हाल में मौत हो गई। बेटी के शव का अंतिम संस्कार कर घर लौटने के बाद बेटी के मोबाइल फोन को लेकर बाप और बड़े बेटे बृजेश में विवाद हुआ था। इसी को लेकर शिव नारायण ने मंगलवार को बेटे की हत्या कर दी।
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