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जिला अस्पताल के मरीजों की जान से खेल रहे तेज रफ्तार वाहन

Fri, 14 Jun 2019 12:34 AM IST
shailendra Kumar अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी Published by: shailendra Kumar Updated Fri, 14 Jun 2019 12:34 AM IST
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high speed vehicles are problematic for the patients of district hospital
जिला अस्पताल का प्रवेश द्वार - फोटो : kaushambi
 गांव, गली और मोहल्ले में स्पीड ब्रेकर बनाने वाला लोक निर्माण विभाग जिला अस्पताल आने वाले मरीज व तीमारदारों की सुरक्षा को भूल बैठा है। लगातार हो रहे हादसे के बाद भी अस्पताल के दोनों गेट के पास ब्रेकर नहीं बनाया गया। अस्पताल प्रशासन की तरफ से भी इस तरफ पहल नहीं की गई। यातायात और पुलिस भी लाश उठाकर पोस्टमार्टम भेजने के सिवा इस तरफ पहल नहीं कर रही है।
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कौशाम्बी जिले में 18 लाख से ज्यादा की आबादी है। यहां जिला अस्पताल ही ऐसा है जहां सारी आधुनिक सुविधाएं हैं। कौशाम्बी के अलावा पड़ोसी जनपद चित्रकूट व फतेहपुर के सीमावर्ती इलाके के लोग यहां इलाज कराने के लिए आते हैं। जिला अस्पताल मंझनपुर मुख्यालय से करारी जाने वाले मार्ग पर बना है। लोक निर्माण विभाग की चौड़ी रोड को टू लेन में बनाया गया है। इस अस्पताल में प्रवेश करने के लिए दो गेट हैं।
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दोनों गेट के बीच की दूरी करीब 50 मीटर हैं। मंझनपुर चौराहे से निकलने के बाद और ओसा से घुसने के बाद रास्ते में कहीं कोई ब्रेकर नहीं है। जिसके कारण अस्पताल गेट के समीप लोग आए दिन हादसे का शिकार हो रहे हैं। अस्पताल में रोजाना करीब सात सौ से एक हजार लोग इलाज कराने आते हैं। स्पीड ब्रेकर नहीं होने के कारण वह अपनी बीमारी का इलाज कराना तो दूर मौत का शिकार जरूर बन रहे हैं।
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ताजा तरीन घटनाओं का जिक्र करें तो एक मई को जिला अस्पताल में ही संविदा पर काम करने वाला शव वाहन के चालक तीरथ लोधी को अस्पताल गेट पर ही तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दिया था। कार से घर जा रहे तीरथ को काफी चोट आई थी। जिला अस्पताल से उसे प्रयागराज के लिए रेफर किया गया लेकिन उसने दूसरे ही दिन दम तोड़ दिया। 10 जून को गिरधरपुर गांव की सुनीता देवी पत्नी लवकुश का बेटा राजू (10) अपनी नानी के साथ एंटी रैबीज (कुत्ता काटने का) इंजेक्शन लगवाने जिला अस्पताल आया था।


उसे भी तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने टक्कर मार दिया। हादसे में इलाज के दौरान राजू की भी मौत हो गई। इसी तरह दो महीने के दौरान आधा दर्जन लोग हादसे का शिकार होकर जख्मी हो चुके हैं। इसके बाद भी स्पीड ब्रेकर की तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।
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