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Kaushambi News: भगोड़े अब्दुल कवि व उसके भाई वली तक पहुंचाएगा मददगारों का मोबाइल

Sun, 26 Mar 2023 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Sun, 26 Mar 2023 01:10 AM IST
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Helpers' mobile will reach fugitive Abdul Kavi and his brother Wali
मंझनपुर। माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि व उसके भाई वली तक पहुंचने के लिए पुलिस की राह काफी हद तक आसान हो चुकी है। शुक्रवार को शूटर कवि के गांव भखंदा में तलाशी अभियान के दौरान मददगारों के मोबाइल के सहारे पुलिस ने गिरफ्तारी का खाका तैयार किया है। पुलिस विभाग के सूत्रों की मानें तो बरामद मोबाइल से कई अहम सुराग भी हाथ लगे हैं। उन तमाम लोगों की कुंडली निकाली जा रही है कि जो इन मददगारों के फोन से कहीं न कही शूटर कवि व उसके वांटेड भाई वली के संपर्क में थे।
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राजूपाल हत्याकांड में माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि का नाम सीबीआई की जांच में सामने आया था। सीबीआई ने अब्दुल कवि की गिरफ्तारी का प्रयास किया, लेकिन पकड़ा नहीं जा सका। इस बीच 24 फरवरी को राजूपाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल व उनके दो सरकारी सुरक्षा कर्मियों की हत्या कर दी गई। मामले में हत्याकांड में शूटर अब्दुल कवि पर भी शक हुआ।
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आईजी चंद्रप्रकाश ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार का इनाम घोषित किया। इस बीच पुलिस को भनक लगी कि अब्दुल कवि व उमेश पाल हत्याकांड के शूटर भखंदा में शरण लिए हैं। पुलिस की टीमों ने तीन मार्च को अब्दुल कवि के घर को घेरा, लेकिन कोई शूटर पकड़ा नहीं जा सका। घर में दीवारों में छिपाकर असलहे रखने की जानकारी होने पर पुलिस ने प्रशासन के सहयोग से उसका ध्वस्तीकरण कराया तो भारी तादात में असलहें व बम बरामद हुए। मामले में अब्दुल कवि व परिवार के 11 सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
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घटना में आरोपित अब्दुल कवि का भाई कादिर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इस दौरान अहम यह रहा कि कादिर की कई लाइसेंसी असलहों के साथ फोटो वायरल हुई थी। पुलिस की माथा ठनका कि जब कवि के पिता के पास सिर्फ सिंगल बैरल बंदूक का लाइसेंस था तो कादिर के पास इतने लाइसेंसी असलहें पहुंचे कैसे? इस पर शुक्रवार को पुलिस ने एएसपी समर बहादुर के नेतृत्व में चार टीमों में बंटकर भखंदा में तलाशी अभियान चलाया।



बताया जाता है कि इस दौरान भखंदा का निजामउद्दीन, शाहिद, असलम, कटैया का अजमल और बेरूई का बिलाल पकड़ा गया। सभी के पास से तीन सिंगल बैरल व तीन डबल बैरल बंदूक बरामद हुई। इसके अलावा दो रायफल भी मिली। सबसे खास बात यह रही कि जिन लोगों के पास से असलहे बरामद हुए उनका लाइसेंस किसी दूसरे के नाम पर था। पकड़े गए लोगों के पास से तीन मोबाइल फोन भी मिले हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो इन मोबाइल से यह मददगार फरार वली व अब्दुल कवि के संपर्क में थे। बरामद मोबाइल को सर्विलांस में लगाकर पड़ताल की गई तो तमाम अहम जानकारी मिली। माना जा रहा है कि पुलिस जल्द ही फरार आरोपियों तक पहुंच जाएगी।








पकड़े गए लोगों के पास से बरामद मोबाइल में तमाम राज हैं। जिन लोगों से वह संपर्क में थे, उनकी कुंडली निकाली जा रही है। इसके अलावा जिनके पास से असलहे बरामद हुए, उनके किसी के नाम पर लाइसेंस नहीं था। जल्द ही मामले में कई अन्य चेहरे भी बेनकाब होंगे।-समर बहादुर, एएसपी
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