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हड़ताल से धड़ाम हुई हौसला पोषण योजना
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 08 Sep 2016 11:55 PM IST
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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की हड़ताल से हौसला पोषण योजना धड़ाम हो गई है। आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला बंद होने की वजह से गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों को भोजन व फल देने का कार्यक्रम सप्ताह भर से ठप है। ऐसे में शासन द्वारा कुपोषण भगाने के लिए की गई पहल कार्यकत्रियों की हड़ताल के चलते शुरुआत में ही फेल नजर आने लगी है। जिम्मेदार हैं कि हड़ताल को लेकर पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं।
दोआबा से कुपोषण को दूर भगाने के लिए शासन ने हौसला पोषण योजना की शुरुआत की। इसके अंतर्गत गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों को अगस्त माह से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं द्वारा पौष्टिक भोजन और फल वितरित कराया जा रहा था। शासन की महत्वपूर्ण योजना महीने भर भी ठीक से नहीं चल सकी। दो सितंबर से मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां केंद्रों में ताला बंद कर हड़ताल शुरू कर दिया। इसके चलते सप्ताह भर से गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों को भोजन, फल मिलना बंद हो गया। सप्ताह भर से ठप हुई योजना को लेकर जिले के और शासन के जिम्मेदारों को तनिक भी फिक्र नहीं है। शासन की चुप्पी के चलते आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की हड़ताल दिनोदिन और उग्र होती जा रही है।
टेक होम राशन वितरण हुआ ठप
कुपोषण को दूर भगाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के जिम्मे टेक होम राशन भी है। इसके चलते तीन से छह साल के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार का वितरण सप्ताह में किया जाता है। कार्यकत्रियों के हड़ताल पर चले जाने से टेक होम राशन का वितरण कार्य भी पूरी तरह से ठप हो गया है। पुष्टाहार न मिलने का सीधा असर कुपोषण पर पड़ेगा। ऐसी स्थिति में दोआबा में कुपोषण का बढ़ना तय है।
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टीकाकरण और वजन तौल भी प्रभावित
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के भरोसे गांवों की गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के टीकाकरण और वजन तौल की भी जिम्मेदारी है। हड़ताल के चलते महिलाओं का टीकाकरण का काम ठप है। इसके अलावा नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए होने वाली तौल भी बंद है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की हड़ताल से हौसला पोषण मिशन, टेक होम राशन वितरण, टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित हैं। उनकी मांगों को शासन तक भेजवाया गया है।
राकेश कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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दोआबा से कुपोषण को दूर भगाने के लिए शासन ने हौसला पोषण योजना की शुरुआत की। इसके अंतर्गत गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों को अगस्त माह से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं द्वारा पौष्टिक भोजन और फल वितरित कराया जा रहा था। शासन की महत्वपूर्ण योजना महीने भर भी ठीक से नहीं चल सकी। दो सितंबर से मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां केंद्रों में ताला बंद कर हड़ताल शुरू कर दिया। इसके चलते सप्ताह भर से गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों को भोजन, फल मिलना बंद हो गया। सप्ताह भर से ठप हुई योजना को लेकर जिले के और शासन के जिम्मेदारों को तनिक भी फिक्र नहीं है। शासन की चुप्पी के चलते आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की हड़ताल दिनोदिन और उग्र होती जा रही है।
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टेक होम राशन वितरण हुआ ठप
कुपोषण को दूर भगाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के जिम्मे टेक होम राशन भी है। इसके चलते तीन से छह साल के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार का वितरण सप्ताह में किया जाता है। कार्यकत्रियों के हड़ताल पर चले जाने से टेक होम राशन का वितरण कार्य भी पूरी तरह से ठप हो गया है। पुष्टाहार न मिलने का सीधा असर कुपोषण पर पड़ेगा। ऐसी स्थिति में दोआबा में कुपोषण का बढ़ना तय है।
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टीकाकरण और वजन तौल भी प्रभावित
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के भरोसे गांवों की गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के टीकाकरण और वजन तौल की भी जिम्मेदारी है। हड़ताल के चलते महिलाओं का टीकाकरण का काम ठप है। इसके अलावा नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए होने वाली तौल भी बंद है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की हड़ताल से हौसला पोषण मिशन, टेक होम राशन वितरण, टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित हैं। उनकी मांगों को शासन तक भेजवाया गया है।
राकेश कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी