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हाले अली सुन नम हुईं अजादारों की आंखें
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 09 Oct 2016 12:29 AM IST
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कस्बे के हजरतगंज मोहल्ला स्थित मरहूम रौशन अली के अजाखाने में मजलिस हुई। इसे मौलाना रजा हैदर ने खेताब किया। मजलिस के बाद शबीहे गहवारा अली असगर बरामद हुआ। महिलाएं अली असगर के गहवारे को देखकर चीख मारकर रो पड़ीं।
छह मोहर्रम की सुबह कस्बे के अजाखानों अली असगर की याद में मजलिसें आयोजित की गईं। इस कड़ी में रौशन अली के अजाखाने में मजलिस की शुरूआत जावेद रिजवी ने मर्सिया पढ़कर किया। मौलाना रजा हैदर ने मजलिस को खेताब करते हुए अली असगर के मसायब किए तो अजादारों की आंखों से आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। गहवारा बरामद हुआ।
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छह मोहर्रम की सुबह कस्बे के अजाखानों अली असगर की याद में मजलिसें आयोजित की गईं। इस कड़ी में रौशन अली के अजाखाने में मजलिस की शुरूआत जावेद रिजवी ने मर्सिया पढ़कर किया। मौलाना रजा हैदर ने मजलिस को खेताब करते हुए अली असगर के मसायब किए तो अजादारों की आंखों से आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। गहवारा बरामद हुआ।
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