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शीतला मां के जयकारों से गूंजा धाम
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अष्टमी मेले में उमड़े श्रद्धालु
मां के जयकारों से गुंजायमान रहा देवी धाम
अमर उजाला ब्यूरो
सिराथू/कड़ा। आषाढ़ मेले के अष्टमी को शक्ति एवं सिद्धपीठ शीतला धाम में मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंची। मां की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने देवी मां के दरबार में पूजा-पाठ कर परिवार के लिए मंगल कामना की। इस दौरान जयकारे से धाम परिसर गूंज उठा।
51 शक्ति पीठों में शुमार मां शीतला की दरबार कड़ा में आषाढ़ मेले का खास महत्व है। मान्यता है कि इस मौके पर देवी मां के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूर्ण होती है। मंगलवार को अष्टमी पर्व पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब देवी दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। मंदिर से श्रद्धालुओं का आगमन भोर होते ही शुरू हो गया था। पंडा समाज ने मेला सकुशल संपन्न कराने के लिए अपने स्तर से भी चाक-चौबंद इंतजाम कर रखे थे। भोर से शुरू हुआ मंदिर में दर्शन-पूजन का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। तीर्थ पुरोहित विश्वनाथ पंडा ने बताया कि आषाढ़ की अष्टमी पर सर्वाधिक देवी मइया के भक्त दर्शन करने के लिए आए।
वहीं प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद मेला क्षेत्र में अव्यवस्था का बोलबाला रहा। भीषण गर्मी में श्रद्धालुओं को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। पानी का इंतजाम नहीं होने से श्रद्धालु बोतल का पानी खरीद अपनी प्यास बुझाते हुए दिखे। इससे दुकानदारों की चांदी रही।
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मां के जयकारों से गुंजायमान रहा देवी धाम
अमर उजाला ब्यूरो
सिराथू/कड़ा। आषाढ़ मेले के अष्टमी को शक्ति एवं सिद्धपीठ शीतला धाम में मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंची। मां की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने देवी मां के दरबार में पूजा-पाठ कर परिवार के लिए मंगल कामना की। इस दौरान जयकारे से धाम परिसर गूंज उठा।
51 शक्ति पीठों में शुमार मां शीतला की दरबार कड़ा में आषाढ़ मेले का खास महत्व है। मान्यता है कि इस मौके पर देवी मां के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूर्ण होती है। मंगलवार को अष्टमी पर्व पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब देवी दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। मंदिर से श्रद्धालुओं का आगमन भोर होते ही शुरू हो गया था। पंडा समाज ने मेला सकुशल संपन्न कराने के लिए अपने स्तर से भी चाक-चौबंद इंतजाम कर रखे थे। भोर से शुरू हुआ मंदिर में दर्शन-पूजन का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। तीर्थ पुरोहित विश्वनाथ पंडा ने बताया कि आषाढ़ की अष्टमी पर सर्वाधिक देवी मइया के भक्त दर्शन करने के लिए आए।
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वहीं प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद मेला क्षेत्र में अव्यवस्था का बोलबाला रहा। भीषण गर्मी में श्रद्धालुओं को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। पानी का इंतजाम नहीं होने से श्रद्धालु बोतल का पानी खरीद अपनी प्यास बुझाते हुए दिखे। इससे दुकानदारों की चांदी रही।
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