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Kaushambi News: दहेज हत्या के दोषी सास-ससुर को दस साल की सजा, जुर्माना
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फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय आभा पाल की अदालत ने दहेज हत्या के दोषी सास-ससुर को दस-दस साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर दस-दस हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
सैनी कोतावली के सिराथू कस्बा निवासी मो. हुसैन ने अपने बेटी शाहीन बेगम का निकाह पइंसा थाने के थोन गांव में रहने वाले अबुल अजीज उर्फ धुल्ला के बेटे से किया था। शाहीन का पति कमाई के सिलसिले में सऊदी अरब में रहता था। शाहीन घर पर सास-ससुर के साथ रहती थी। आरोप है कि दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर शाहीन की सास मेहरुनिशा व ससुर धुल्ला अक्सर प्रताड़ित करते थे। 28 अक्तूबर 2013 को सास-ससुर ने शाहीन की हत्या कर उसका शव दफना दिया था।
कई दिन से बातचीत नहीं होने पर शाहीन के पिता को अनहोनी की आशंका हुई। इस पर वह पुलिस के साथ बेटी के ससुराल पहुंचे। पुलिस ने कब्र खोदवा कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले में मृतका के पिता की तहरीर पर सास-ससुर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय आभा पाल की अदालत में चला। शासकीय अधिवक्ता अनिल चौधरी ने वादी मुकदमा समेत 11 लोगों की अदालत में गवाही कराई। दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद मंगलवार को अदालत ने आरोपी सास-ससुर को दोषी करार दिया।
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सैनी कोतावली के सिराथू कस्बा निवासी मो. हुसैन ने अपने बेटी शाहीन बेगम का निकाह पइंसा थाने के थोन गांव में रहने वाले अबुल अजीज उर्फ धुल्ला के बेटे से किया था। शाहीन का पति कमाई के सिलसिले में सऊदी अरब में रहता था। शाहीन घर पर सास-ससुर के साथ रहती थी। आरोप है कि दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर शाहीन की सास मेहरुनिशा व ससुर धुल्ला अक्सर प्रताड़ित करते थे। 28 अक्तूबर 2013 को सास-ससुर ने शाहीन की हत्या कर उसका शव दफना दिया था।
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कई दिन से बातचीत नहीं होने पर शाहीन के पिता को अनहोनी की आशंका हुई। इस पर वह पुलिस के साथ बेटी के ससुराल पहुंचे। पुलिस ने कब्र खोदवा कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले में मृतका के पिता की तहरीर पर सास-ससुर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय आभा पाल की अदालत में चला। शासकीय अधिवक्ता अनिल चौधरी ने वादी मुकदमा समेत 11 लोगों की अदालत में गवाही कराई। दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद मंगलवार को अदालत ने आरोपी सास-ससुर को दोषी करार दिया।
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