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बीमार हैं तो घर पर ही खुलेगा बैंक खाता
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भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति
- फोटो : www.pexels.com
अब बैंक खाते के फेर में क्षय रोगियों की सहायता राशि अधर में नहीं लटकेगी। पोषण योजना के तहत प्रत्येक मरीज तक आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए सरकार ने घर पहुंचकर खाता खोलने का निर्णय लिया है। अभी तक बैंक खाता न होने से मरीजों को रुपये नहीं मिल पा रहे हैं।
जिले में टीबी रोगियों की संख्या एक हजार से अधिक है। साल भर पहले सरकार ने टीबी के मरीजों को पोषण योजना के तहत हर माह 500 रुपये देने का निर्णय लिया था। यह रकम सीधे मरीज के बैंक खाते में भेजे जाने की व्यवस्था है। लेकिन बड़ी संख्या में जिले में ऐसे मरीज हैं जिनके बैंक खाते नहीं हैं। सक्रिय क्षय रोग खोज अभियान में भी ऐसे मरीज बड़ी संख्या में मिलते हैं जिनके बैंक खाते नहीं होते हैं। ऐसे में नए मरीजों का निश्चय पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इन समस्याओं से निपटने के लिए सरकार ने निर्णय लिया कि अब मरीजों का खाता उनके घर पर ही खोला जाएगा।
इस प्रक्रिया के लिए सरकार ने इंडियन पोस्टल बैंक से करार किया है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एसके झा ने बताया कि अब बैंककर्मी टीबी मरीज के घर पहुंच उसका खाता खोलेंगे। इससे शत-प्रतिशत मरीजों को पोषण का पैसा मिल सकेगा। जिले में टीबी से पीड़ित व्यक्तियों की संख्या 1181 है। जिसमें पलमोनरी टीबी के 636 व एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी के 413 मरीज हैं। इन मरीजों में 132 बच्चे भी हैं जो टीबी रोग से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग चाकलेट व फ्रूट फ्लेवर की दवाएं खिलाकर बच्चों को इस बीमारी से बचाने के प्रयास में जुटा हुआ है।
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जिले में टीबी रोगियों की संख्या एक हजार से अधिक है। साल भर पहले सरकार ने टीबी के मरीजों को पोषण योजना के तहत हर माह 500 रुपये देने का निर्णय लिया था। यह रकम सीधे मरीज के बैंक खाते में भेजे जाने की व्यवस्था है। लेकिन बड़ी संख्या में जिले में ऐसे मरीज हैं जिनके बैंक खाते नहीं हैं। सक्रिय क्षय रोग खोज अभियान में भी ऐसे मरीज बड़ी संख्या में मिलते हैं जिनके बैंक खाते नहीं होते हैं। ऐसे में नए मरीजों का निश्चय पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इन समस्याओं से निपटने के लिए सरकार ने निर्णय लिया कि अब मरीजों का खाता उनके घर पर ही खोला जाएगा।
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इस प्रक्रिया के लिए सरकार ने इंडियन पोस्टल बैंक से करार किया है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एसके झा ने बताया कि अब बैंककर्मी टीबी मरीज के घर पहुंच उसका खाता खोलेंगे। इससे शत-प्रतिशत मरीजों को पोषण का पैसा मिल सकेगा। जिले में टीबी से पीड़ित व्यक्तियों की संख्या 1181 है। जिसमें पलमोनरी टीबी के 636 व एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी के 413 मरीज हैं। इन मरीजों में 132 बच्चे भी हैं जो टीबी रोग से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग चाकलेट व फ्रूट फ्लेवर की दवाएं खिलाकर बच्चों को इस बीमारी से बचाने के प्रयास में जुटा हुआ है।
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